लखीमपुर खीरी। नीमगांव थाने से सिर्फ 50 मीटर दूरी पर की गई शिवप्रसाद की हत्या के मामले का पुलिस ने पांच माह बाद खुलासा किया है। शिवप्रसाद की हत्या उसके ही दोस्त ने की थी। पुलिस ने आरोपी के पास से बघौड़ी (धारदार हथियार) बरामद की है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
15 फरवरी को नीमगांव थाने के गेट से पचास मीटर दूर खेत के पास छप्पर के नीचे शिवप्रसाद (45) का लहूलहान शव मिला था। शुरुआत में पुलिस ने किसी जानवर के नोचने से मौत होना बताया था। वहीं मृतक की पत्नी ने पति की धारदार हथियार से हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने तीन दिन बाद पत्नी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। खुलासे के लिए साइबर सेल और क्राइम ब्रांच को लगाया गया था। सीओ मितौली शमशेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने घटना को लेकर तमाम लोगों से पूछताछ करते हुए साक्ष्य एकत्र किए थे।
सीओ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने से कई साक्ष्य मिले थे। इसी से घटना का खुलासा हुआ। सीओ ने बताया कि शिवप्रसाद और आरोपी संजय तिवारी दोनों नशे के आदी थे। घटना वाले दिन भी दोनों ने साथ बैठकर नशा किया और किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। इस बात से नाराज संजय तिवारी ने शिवप्रसाद पर बघौड़ी से हमला कर दिया।
नशे की हालत में किए गए ताबड़तोड़ प्रहार से शिवप्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई थी। एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को भदूरा मोड़ के पास से संजय को गिरफ्तार कर लिया।
निशानदेही पर आलाकत्ल भी बरामद करते हुए आरोपी का चालान भेज दिया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।