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रिटायर्ड लेखा कर्मी को काम करते पकड़ा

Sat, 15 Apr 2017 11:09 PM IST
लखीमपुर खीरी
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मुअायना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम ने अचानक बीएसए कार्यालय में की छापेमारी
पेंशन पत्रावलियों के निस्तारण में देरी पर जताई नाराजगी
बगैर अमले के पहुंचे डीएम को पहचान नहीं सके कर्मचारी

डीएम आकाशदीप ने शनिवार की दोपहर करीब पौने दो बजे अचानक बीएसए कार्यालय में छापा मारा, जहां उन्होंने लेखाधिकारी कार्यालय में फरियादी बनकर निरीक्षण किया। तो यहां पर कुछ रिटायर्ड कर्मचारी काम करते मिले, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पूछताछ की। पहले तो कार्यालय के कर्मचारी डीएम को पहचान नहीं सके, लेकिन कुछ देर बाद जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। इस दौरान करीब डेढ़ साल से पेंशन के लिए भटक रही रिटायर्ड शिक्षिका भी डीएम को मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में पेंशन मामले का निस्तारण करने के निर्देश बीएसए संजय कुमार शुक्ला और लेखाधिकारी रामेंद्र कुमार को दिए। रिटायर्ड लेखा कर्मी के अनाधिकृत रूप से काम करने के मामले की जांच सीडीओ को सौंपी गई है। 
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डीएम आकाशदीप ने इस कार्रवाई से पहले अपनी गाड़ी समेत अमले (अर्दली, सुरक्षा गार्ड) को बीएसए कार्यालय के बाहर प्रमोद पैलेस के पास रोक दिया था। इसके बाद वह स्वयं पैदल ही ओएसडी कृष्णमोहन श्रीवास्तव के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। सबसे पहले वह लेखाधिकारी कार्यालय गए, जहां उन्होंने स्वयं फरियादी बनकर पेंशन के बारे में पूछताछ की। इस दौरान कार्यालय के अन्य कर्मचारी भी डीएम की आमद से बेखबर दिखे। जब डीएम ने कार्यालय की टेबल पर बैठकर कामकाज निपटाते रिटायर्ड कर्मी लालजी त्रिपाठी से पूछताछ शुरू की, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में लेखाधिकारी और बीएसए भी पहुंच गए। डीएम ने रिटायर्ड कर्मी के बगैर अनुमति काम करने पर नाराजगी जताई और इस प्रकरण की जांच सीडीओ अमित सिंह बंसल को सौंपी है। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय भीरा द्वितीय से डेढ़ साल पूर्व रिटायर हो चुकी कानीज फातिमा भी मिलीं, जिनसे डीएम ने पूछताछ की। तो उन्होंने बताया कि अभी डेढ़ साल बाद भी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। इस पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए शीघ्र पेंशन निर्धारण करने के निर्देश दिए हैं। ओएसडी कृष्णमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि रिटायर्ड कर्मचारियों के अनाधिकृत तौर पर काम करने और पेंशन पत्रावलियों के निस्तारण में जानबूझकर देरी किए जाने की कई शिकायतें मिलीं थीं, जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई है। उधर, लेखाधिकारी रामेंद्र कुमार ने बताया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों की संख्या काफी कम है, जिससे शासनादेश के अनुरूप ही सेवानिवृत्त कर्मचारी की स्वेच्छा से सेवाएं ली गईं है। शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों की संख्या करीब 13500 है, जिससे वर्कलोड अधिक है। 
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