नवोदय विद्यालय: घर भेजे गए छात्र-छात्राओं की इंट्री पर अभी सस्पेंस
मितौली स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से घर भेजे गए कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं की विद्यालय में वापसी पर अभी सस्पेंस बरकरार है। तो वहीं परीक्षाएं भी नजदीक आ रहीं हैं, जो 21 सितंबर से होनी हैं। इससे छात्रों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। प्रधानाचार्य भी इस मसले में कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि छात्रों ने उन्हीं को हटाने के लिए मुहिम छेड़ी थी। नवोदय विद्यालय समिति के उपायुक्त जीएस पाटनी ने छात्रों की वापसी के सवाल पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन इतना जरूर स्पष्ट कहा है कि आवासीय विद्यालय में अराजकता कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।
बता दें कि 26 एवं 27 अगस्त 2016 को प्रधानाचार्य अनीता कुमारी पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद लगातार तीसरी बार विद्यालय में 13 सितंबर 2016 को धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के सामने चुनौती पेश कर दी थी। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने कड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 11 में अध्ययनरत 31 छात्रों पर कार्रवाई करते हुए 27 छात्र-छात्राओं को रात में ही घर भेज दिया था। अब छात्रों और उनके अभिभावकों को 21 सितंबर से होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षाओं को लेकर चिंता सताने लगी हैं। घर भेजे गए छात्रों की विद्यालय में पुन: वापसी कैसे और कब होगी, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रधानाचार्य कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि मामले की जांच सहायक आयुक्त करमचंद्र कर रहे हैं। उन्होंने रिपोर्ट उपायुक्त जीएस पाटनी को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि विद्यालय के स्टाफ में से दो कर्मचारियों आरके शुक्ला और मुकेश अग्रवाल को भी लखनऊ स्थित समिति कार्यालय में बुलाया जा चुका है। ऐसे में परीक्षाओं के नजदीक आने से कक्षा 11 के छात्रों और उनके अभिभावकों की धड़कने तेज होने लगी हैं। इस कड़ी में सोमवार को छात्र और उनके अभिभावक डीएम से मिलकर फरियाद कर सकते हैं। उधर उपायुक्त पाटनी ने अमर उजाला को बताया कि पहले डीएम ने एक माह के लिए विद्यालय बंद करने की बात कही थी, लेकिन हमने सिर्फ अनुशासनहीनता में लिप्त छात्रों को उनके घर भेजकर कैंपस के हालात सामान्य करने का प्रयास किया है। ताकि अन्य छात्रों की पढ़ाई पर इसका विपरीत असर न पड़े। छात्रों की वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा है कि रिपोर्ट दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर भेज दी गई है, जिसमें चिह्नित छात्रों के साथ संदिग्ध भूमिका वाले कर्मचारियों को शामिल किया गया है। उच्चाधिकारियों का निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।