सिंगाही। कस्बे के वार्ड नंबर तीन में तालिब बाबा के आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर तहरीर में हेराफेरी कर एक व्यापारी नेता को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जिला बागपत के गौसपुर सिंघावली निवासी तालिब बाबा का निकाह सिंगाही कस्बे की साबिहा से हुआ था। दोनों वार्ड नंबर तीन में रह रहे थे। बृहस्पतिवार को तालिब बाबा का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला था।
शुक्रवार को मृतक के पिता इंतजार जब सिंगाही पहुंचे तो उन्होंने जो जानकारी दी, उससे जांच की दिशा बदलती नजर आ रही है।
इंतजार के मुताबिक, फंदा लगाने से पहले तालिब ने उन्हें फोन पर बताया था कि उसकी पत्नी साबिहा का प्रेम-प्रसंग बालकराम पुरवा निवासी फिरोज के साथ चल रहा है।
इंतजार का कहना है कि घटना से दो दिन पहले साबिहा ने फिरोज और एक व्यापारी नेता की मदद से तालिब के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया था। इससे तालिब मानसिक रूप से टूट गया था और आत्महत्या का कदम उठा लिया।
पिता इंतजार ने साबिहा, फिरोज और साबिहा के भाई बब्बू तथा व्यापारी नेता के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने व्यापारी नेता से मिलीभगत कर उसका नाम तहरीर से हटा दिया। केवल तीन लोगों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया।
थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग पाया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।