मोहम्मदी-पसगवां (लखीमपुर खीरी)। एसडीएम स्वाति शुक्ला के निर्देश पर लेखपाल ने पराली/ फसल अवशेष जलाने के आरोप में छह किसानों के विरुद्ध अलग-अलग थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। लेखपाल हरिनाम ने राजस्व अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर अवगत कराया कि 5 व 6 अक्तूबर को दोपहर में राजस्व गांव मकसूदपुर के मजरा जिंदपुर निवासी किसान राजेश पुत्र छैलबिहारी, आदर्श पुत्र छैलबिहारी, बृजेश मिश्र पुत्र मिश्रीलाल, मदनेश पुत्र नारायनलाल, ओम प्रकाश पुत्र नारायन लाल ने नियम विरुद्ध धान की पराली को जलाया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि पराली जलाने में पांच लोगों के खिलाफ की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई गई। उधर, मोहम्मदी के साहबगंज निवासी कुलविंदर सिंह ने अपने धान की फसल के अवशेष जला दिए। क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। संवाद
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पराली जलाई तो भरना होगा मोटा जुर्माना
बांकेगंज। धान की फसल तैयार होने के बाद पराली जलाने से पैदा हो रही प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। खेतों में पराली जलाने वालों पर इस बार जिला प्रशासन ने जुर्माने डालने का प्रावधान किया है।
बांकेगंज ब्लॉक के एडीओ (कृषि) अनिल कुमार ने बताया कि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी खंड विकास कार्यालयों को पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक यदि कोई पराली जलाता पाया गया तो उस पर दो एकड़ से कम खेत मालिक पर 2500, दो से पांच एकड़ वाले पर पांच हजार और पांच एकड़ से अधिक खेत वाले पर 15 हजार रुपये जुर्माना डाला जाएगा। एडीओ कृषि ने ब्लॉक क्षेत्र के किसानों से अनुरोध किया है कि वह वायु मंडल को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए पराली बिल्कुल न जलाएं। कोरोना के संक्रमणकाल में प्रदूषण और अधिक खतरनाक साबित होगा। संवाद