निघासन। त्रिकोलिया की एक महिला का गर्भपात करने वाले एक झोलाछाप और उसके पांच सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव निवासी मंशाराम ने बताया कि नौ जुलाई की सुबह करीब दस बजे उसकी गर्भवती पत्नी की तबीयत खराब हो गई। पेट में दर्द होने पर वह उसे इलाज के लिए तारानगर चौराहे पर क्लीनिक ले गए। झोलाछाप कृष्ण कुमार निषाद ने चेकअप के बाद बच्चे की पेट में मौत की वजह से सफाई की जरूरत बताई। कहा कि ऐसा न करने पर उसकी पत्नी की जान को खतरा भी हो सकता है। इससे घबराए मंशाराम ने झोलाछाप के आश्वस्त करने पर इलाज के लिए कहा। एक नर्स के साथ उसकी पत्नी को अंदर ले जाकर गर्भपात शुरू कर दिया।
आधे घंटे बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने की बात कहकर उसकी पत्नी को बहुत जल्दी लखीमपुर ले जाने की राय दी। मंशाराम ने अंदर जाकर पत्नी को देखा तो वह बेहोश थी और प्राइवेट पार्ट से उसकी आंतें बाहर निकली हुई थीं। इस बाबत पूछताछ करने पर झोलाछाप और उसके साथियों ने उसको अपशब्द कहते हुए धमकाया। लखीमपुर के अस्पताल से जवाब मिलने पर वह उसको लखनऊ के एक अस्पताल ले गया। वहां उसका अभी तक इलाज चल रहा है।
मंशाराम की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप कृष्ण कुमार निषाद और उसके सहयोगियों बीके गोस्वामी, पंछी समेत तीन नर्सों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।