एसडीएम के नेतृत्व में चला अतिक्रमण अभियान
स्थाई अस्थाई अतिक्रमण पर गिरी जेसीबी की गाज
सदर एसडीएम ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुुरू किया। कलक्ट्रेट गेट से शुरू हुआ अभियान जिला अस्पताल होते हुए संकटा देवी चौराहा पर समाप्त हुआ। इस दौरान पालिका की जेसीबी स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण को ढहाती हुई चली गई। हालांकि पटरी दुकानदारों ने रात में ही अपने अपने ठेलों को गलियों आदि में शिफ्ट कर लिया था। अतिक्रमण हटाओ अभियान में बारिश भी खलल डालती रही।
अतिक्रमण हटाने के लिए सुबह ही पालिका और तहसील कर्मचारी जेसीबी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि इस दौरान शुरू हुई बारिश भी अतिक्रमण अभियान को रोक नहीं सकी। बारिश में ही कलक्ट्रेट गेट से लोहिया भवन तक लगे ठेले आदि को तोड़ती हुई जेसीबी दोपहर करीब 1.55 पर जीआईसी गेट पहुंची। हालांकि वहां से सदर चौराहे तक अतिक्रमण के रूप में सड़क किनारे रखे ठेेले रात में ही हटा लिए गए थे। सदर एसडीएम ने चंदन पैथालॉजी के सामने खड़े दो पहिया वाहनों को देखकर नाराजगी जताई और मैनेजर को फटकार लगाते हुए पुलिस से कोतवाली ले जाने को कहा। इसके बाद जेसीबी का कहर शिवलोक मेडिकल स्टोर और अस्पताल के सामने नाले पर बने छज्जे पर बरपा। जेसीबी ने भारत नर्सिंग होम से पहले मकान और दुकान के आगे बनी सीढ़ियों को ढहा दिया। हालांकि कुुछ लोगों ने स्वत: हटाने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी ना चली। जेसीबी द्वारा पक्का अतिक्रमण तोड़ने की गई शुरूआत संकटा देवी चौराहे पर पहुंचकर ही थमी। इस दौरान एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार हर्षिता तिवारी, सीओ हरीराम वर्मा, एसओ खीरी आलोक त्रिपाठी, नगर पालिका के सर्वेयर अमित सोनी, सफाई निरीक्षक, जितेेंद्र सिंह, शमशाद सहित कोतवाली पुलिस और महिला थाने की एसओ व सिपाही मौजूद रही।
अभियान चला, मगर नहीं खुल सकी नाली
-जीआईसी गेट से अभियान शुरू करते हुए एसडीएम ने नालियों पर बने छज्जों आदि को तुड़वाना शुरू कर दिया, जिससे चोक नालियां खुलने लगी, लेकिन आगे बढ़तेे-बढ़ते अभियान नाले पर बने घर व दुकानों की सीढ़ियों को ही तोड़ने तक ही सिमट गया, जिससे नालियां बंद की बंद ही रह गई। बंद नालियों साफ सफाई का ना होना सड़कों पर जलभराव का कारण बनता है।
निगरानी के लिए गठित हुई दस सदस्यीय टीम
अतिक्रमण हटाने के बाद कहीं दुकानदार दुबारा सड़क किनारे ठेले आदि ना रख लें, इसके लिए सदर एसडीएम ने दस सदस्यीय टीम गठित की है, जिसमें पुलिस और पालिका के लोग शामिल होंगे। यह सभी अतिक्रमण हटने के बाद सड़कों का निरीक्षण करेंगे और दुबारा अतिक्रमण करने वालों पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकी।