मीना में शैतान को कंकड़ मारने के दौरान हुई घटना की जानकारी के बाद हज के लिए जिले से गए लोगों के परिवारवाले परेशान हो गए। अपनों का हाल जानने के लिए घंटों मोबाइल पर बात करने का प्रयास करते रहे। बात होने के बाद ही परिवार के लोगों की जान में जान आई।
खीरी टाउन। कस्बे से करीब 18 परिवार वालों के लोग हज यात्रा पर गए हैं। परिवार के लोगों में चिंता की लहर उस समय दौड़ गई जब सऊदी अरब में मक्का शहर के मीना मैदान पर शैतान को कंकरी मारने की रस्म अदा की जा रही थी तभी भगदड़ मच गई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली जाने की खबर से लोग परेशान होने लगे। खबर सुनकर मोहल्ला सैयदवाड़ा मास्टर मुस्तकीम के पुत्र मोहम्मद नईम ने अपने पापा को फोन मिलाना शुरू किया। करीब तीन घंटे के बाद फोन मिला तो जानकारी मिली कि उनके पापा मीना के मैदान पर बैठे है। उन्होंने सुबह ही शैतान को कंकरी मारने की रस्म अदा कर ली थी कुर्बानी के लिए इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया वे सब खैरियत से हैं।
मोहल्ला सैयदवाडा निवासी मोहम्मद एखलाक गौरी तथा उनकी पत्नी हज पर गए हुए हैं खीरी में जब हादसे की खबर मिली तो उनके पुत्र मोहम्मद शारिक, आसिफ तथा दानिश से उनके पापा-मम्मी से शाम तक कोई बात नही हो पाई थी इस बात को लेकर उनके परिवार के लोग परेशान थे। ऐसे ही मोहल्ला बुखारी टोला से हुसैना, मोहल्ला डीहपुर से मास्टर सईद अंसारी, उनकी पत्नी, अवंधी टोला से इस्लामुददीन गौरी उनकी पत्नी, रामापुर से सलीम खां उनकी पत्नी अखतरून्निशां तथा सैयदवाड़ा निवासी इरफान खां तथा उनकी पत्नी आदि हादसे की जानकारी पाकर परेशान हैं।
गोला गोकर्णनाथ। नगर से कई लोग हज यात्रा को गए हैं। मीना में हुई घटना के बाद इन लोगों के परिवार वाले अपनों का हाल जानने के लिए बेचैन रहे। मोहल्ला ऊंची भूड़ निवासी मजीद खां ने बताया कि उनके पिता हबीब खां और मां नसीम बेगम के अलावा सफी अहमद खां, सलमा बी, हाजी बाबू अली, जुल्फिकार अली, मौलाना आसिक अली, वाहिद खां, लकी पेंटर, शहनाज बेगम, हाजी फिदा हुसेन, सलीम बेग सहित तमाम लोग हज यात्रा पर गए हैं। बताया कि आठ दिन मदीना शरीफ में रुकने के बाद मक्का शरीफ के लिए रवाना हो गए थे। 22 सितंबर की शाम को मक्का शरीफ से मीना के लिए रवाना हुए। जहां इस घटना को जानकर परिवारी बेचैन हो गए। फोन पर प्रयास के बाद जब मालूम हुआ कि सभी लोग सुरक्षित हैं तब परिवार वालों की जान में जान आई। इनके परिवार वालों का हज मुकम्मल हो गया है, वे सभी लोग सुरक्षित हैं।
सिकंद्राबाद। अमेठी निवासी नफीस कबाड़ी पत्नी के साथ हज पर गए हैं। उनके पुत्र हासिम ने बताया कि फोन पर सभी के खैरियत की बात पता चली तो राहत मिली। उन्होंने यह भी बताया कि रहमतपुर के सरफू और उनकी मां भी खैरियत से हैं।