फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जटपुरा में गैंडों का पुनर्वास कराने की मांग

Thu, 02 Jul 2015 06:22 PM IST
बांकेगंज।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर रेंज में सलूकापुर गैंडा परियोजना में गैंडों की बढ़ती आबादी से यह साबित हो गया है कि खीरी के जंगलों की आबोहवा गैंडों के अनुकूल है। 30 गैंडों को लक्ष्य कर शुरू की गई  इस परियोजना में गैंडों के बढ़ते परिवार को देखते हुए सलूकापुर में बना गैंडों का घर छोटा पड़ने लगा है।  उन्हें एक नया घर देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
विज्ञापन

गैंडों को नया घर देने के लिए बेलरायां रेंज में दस किलोमीटर जगह चिह्नित कर वहां गैंडों को बसाने की तैयारी है। उधर जिले के तमाम वन्यजीव विशेषज्ञ और स्थानीय लोगों ने दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट में बरौंछा नाले के पास गैंडा पुनर्वास योजना शुरू करने की मांग की है।

अनुकूल है बरौछा नाले की भौगोलिक स्थिति
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के चारों तरफ फैले घने और हरे-भरे जंगलों के बीच स्थित बरौछा नाले में पूरे साल पानी भरा रहता है। यहां पाई जाने वाली वनस्पतियां और घास गैंडों के लिए प्राकृतिक आवास और अच्छा भोजन साबित हो सकती हैं।
विज्ञापन


पर्यटकों का बढ़ेगा आकर्षण
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जटपुरा बीट में गैंडा पुनर्वास योजना शुरू होने से पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, साथ ही स्थानीय और प्रवासी पक्षियों से भरी रहने वाली नगरिया झील को भी एक अलग पहचान मिलेगी। यहां पास ही बने आलीशान मड़हा और महुरेना गेस्ट हाउस पर्यटकों के आवास के लिए काम आएंगे।

पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों विनोद गोयल, हरिकिशन अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, कांग्रेस के जिला महासचिव केके मिश्र, इरफान अली आदि का कहना है कि किशनपुर सेंक्च्युरी वन क्षेत्र से सटे इस वन क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित होंगे। जटपुरा रेंज में गैंडों को नया घर मिलने से सलूकापुर में उनमें होने वाले संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें