बांकेगंज। होली के मद्देनजर दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में रेड अलर्ट जारी किया गया है। डीटीआर के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने होली के दौरान जंगल में घुसपैठ और शिकार आदि की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश वन कर्मियों को दिए हैं।
एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि होली के दौरान हिरन, पाढ़ा, चीतल, जंगली सूअर आदि वन्यजीवों समेत पक्षियों के शिकार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वहीं होली होने के कारण वन विभाग का काफी स्टाफ भी छुट्टी पर होता है। इसका फायदा उठाकर शिकारी और अपराधी जंगल में अवैध शिकार का प्रयास करते हैं। लिहाजा रेड अलर्ट जारी किया गया है।
बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व के अफसरों समेत फील्ड कर्मियों, डाॅग स्कवाॅयड और एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों को यह निर्देश दिए गए हैं कि शिकार के लिए संवेदनशील स्थलों और घुसपैठ वाले रास्तों पर कड़ी नजर रखी जाए। अवैध घुसपैठ रोकने के लिए भारत-नेपाल सीमा से सटे जंगल के चप्पे-चप्पे पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सैलानियों पर भी रहेगी नजर
एफडी ने बताया कि होली के मौके पर दुधवा आने वाले सैलानियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी कि कहीं सैलानी की आड़ में कोई शिकारी न आ जाए। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि कोई सैलानी मांस मदिरा का सेवन न करने पाए। इसलिए आने वाले सैलानियों की आईडी चेक की जाएगी और उनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
हाथियों के साथ पेट्रोलिंग शुरू
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉॅ. एच राजामोहन के मुताबिक, दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज समेत समूचे डीटीआर में हाथियों के जरिए पेट्रोलिंग शुरू करा दी गई है। आधुनिक हथियारों से लैस वन कर्मी और एसटीपीएफ के जवान जंगल के चप्पे-चप्पे पर गश्त कर रहे हैं। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी के अलावा संबंधित डिवीजनों के एसडीओ, वन्यजीव प्रतिपालक और रेंजर के नेतृत्व में गठित वन कर्मियों की टीम हाथियों संग संवेदनशील स्थलों की निगरानी कर रहे हैं।