मंडी परिसर में रखी रीपर मशीनें-संवाद
लखीमपुर खीरी। मंडी समिति में किसानों को निशुल्क वितरण के लिए आईं रीपर मशीनें खुले में रखी जंग खा रही हैं। ये मशीनें किसानों को लकी ड्रा निकालने के बाद दी जानी हैं। किसानों को मंडी परिषद की ओर से एक कूपन दिया जाता है। इसके बाद लकी ड्रा निकाला जाता है।
मंडी परिषद किसानों के लिए तरह तरह की योजनाएं संचालित करती है। इन योजनाओं में एक योजना लकी ड्रा की भी है। मौजूदा समय में मंडी परिसर में रीपर मशीनें जंग खा रही हैं। बताया जाता है कि जून में हुए चुनाव के दौरान यह मशीनें मंगवाई गई थीं। मशीन किसानों को वितरित की जानी हैं, लेकिन पांच महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी मशीनों का वितरण नहीं किया जा सका है।
मशीनों में धूप और बरसात का पानी पड़ने से मशीन खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं। खेती-किसानी का काम करने वाले अभय सिंह बताते हैं कि इस मशीन को रीपर बाइंडर कहा जाता है। यह चावल और गेहूं के लिए उपयुक्त है। इस रीपर बाइंडर से अनाज की फसलों की कटाई और बंधन एक ही समय में किया जाता है।
यह गेहूं, धान, जौ और 85 से 110 सेमी तक ऊंचाई वाली अन्य अनाज वाली फसलों की कटाई के लिए बहुत ही उपयोगी होती है। मंडी परिषद की ओर से भले ही यह मशीन किसानों को मुफ्त में मुहैया कराई जाती हो लेकिन बाजार में इसकी कीमत सवा से डेढ़ लाख रुपये है।