साकार विश्व हरि के एक सप्ताह तक हुये सत्संग में अच्छाइयों को ग्रहण करने, कुरीतियों से बचने, शिक्षा, समाजसेवा करने पर जोर दिया है। समापन पर दो घंटे तक उनके अनुयायियों का रेला चलता रहा।
बाईपास के निकट काशीनगर प्लाटिंग में एक सप्ताह तक हुये सत्संग में जनपद सहित पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच, बरेली, हरदोई और फर्रूखाबाद सहित कई जनपदों से अनुयायी दो पहिया, चौपहिया, बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली से यहां आए। तमाम अनुयायी कई दिनों तक यहां रुके जिन्होंने सत्संग सुना है। साकार विश्व हरि ने इन दिनों में अधिकांशत: बुराई, कुरीतियों, अंध विश्वास, पुरानी सामाजिक परंपराओं से बचने का आह्वान किया। अच्छे संस्कार, सद्मार्ग पर चलने, परोपकार, अच्छी संगत करने पर जोर दिया है।
साकार विश्व हरि के अनुयायी उन्हें भोलेबाबा मानकर जयकार करते रहे। एक सप्ताह बाद शनिवार को हुए समापन पर अनुयायियों ने अबीर गुलाल उड़ाकर होली खेली, जिसे देख साकार विश्व हरि प्रसन्न हुए। तमाम अनुयायियों ने उनका प्रचार प्रसार करते हुए अपने शरीर के रोगों के भी ठीक हो जाने की चर्चा की।
सत्संग का जब समापन हुआ तो मोहम्मदी, लखीमपुर, नगर की सभी सड़कों पर वाहनों का रेला चला। पैदल चलने वाले अनुयायाी भी देर शाम तक देखे गए जो दूर दराज तक ट्रेनों से अपने गंतव्य को रवाना हुए।