राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए पिछले दो साल से चल रही कवायद बेकार हो रही है। राशनकार्ड के डेटा कंप्यूटराज और ऑनलाइन करने का काम पूरा ही हो पाया था कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लिए पात्र गृहस्थियों का चयन शुरू हो गया। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद राशनकार्ड की क्या उपयोगिता होगी इसको लेकर संशय है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थियों के चयन के बाद वरिष्ठ महिला मुखिया के नाम जो राशन कार्ड जारी होंगे केवल उन्हीं राशनकार्ड पर सस्ता राशन मिलेगा। अन्य राशनकार्ड धारकों को सस्ता राशन नहीं उपलब्ध होगा। ऐसी दशा में खाद्य सुरक्षा अधिनियम से इतर राशनकार्ड की उपयोगिता खत्म हो जाएगी। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अभी शासन से स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।
पहचानपत्र के रूप में काम नहीं आएंगे राशनकार्ड
अब राशनकार्ड किसी भी सरकारी कार्य में पहचानपत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं हो सकेंगे। अभी तक कई जगहों पर राशनकार्ड का इस्तेमाल पहचान पत्र के रूप में होता था लेकिन अब राशनकार्ड पर स्पष्ट रूप से यह अंकित रहेगा कि राशनकार्ड को किसी पहचानपत्र के रूप में न माना जाए। इस तरह अब पहचानपत्र के रूप में भी राशनकार्ड की उपयोगिता खत्म हो गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी, लखीमपुर खीरी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित पात्र गृहस्थियों के राशनकार्ड के अलावा अन्य राशनकार्ड की उपयोगिता के संबंध में अभी शासन से कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिले हैं लेकिन यह तय है कि कोई भी राशनकार्ड अब पहचानपत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।