राशनकार्ड के लिए प्रक्रिया अब फिर से शुरू हो गई है। इसको लेकर लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
शासन प्रशासन की मंशा के अनुरूप दिसंबर 2013 से डाटा फीडिंग का कार्य शुरू किया गया था। 26 माह बीतने के बाद भी अभी तक नए राशनकार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उपभोक्ताओं को राशनकार्ड के लिए प्रक्रिया पूरी करने में आर्थिक नुकसान के साथ ही इधर-उधर भटकना पड़ा। अब फिर से शुरू हुए राशनकार्डों के प्रकाशन में गरीब तबके के लोगों को अपना नाम सूची में दर्ज कराने के लिए 50 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का खर्च करने पड़ रहे हैं। इन परेशानियों के चलते लोगों में गुस्सा पनप रहा है। शहर के प्राथमिक विद्यालय रंगरेजान मोहल्ले में जो राशनकार्ड की सूची चस्पा की गई थी वह भी फट गई है इसको लेकर लोग काफी परेशान हैं।