ममरी। कठिना नदी के घमाहा घाट पर बना रपटा पुल बाढ़ के पानी में क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे वहां हर समय खतरे की आशंका बनी हुई है।
सुंदरपुर के पूर्व प्रधान रामकुमार वर्मा, सरदारलाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, बलिहार सिंह आदि का कहना है कि पुल के बीच में गहरी दरारें पड़ गईं हैं। वहां किसी भी समय बड़ा हादसा संभव है। इस पुल का निर्माण करीब 30 साल पहले लोक निर्माण मंत्री रहे स्वर्गीय रामकुमार वर्मा ने 25 लाख रुपये से कराया था, जो नदी में बाढ़ आने पर पानी के बहाव में कट गया। यह लिंक रोड ममरी से पिपरिया कप्तान होते हुए सीधे पुवायां जाती है।
बाढ़ में ढही पुलिया, किसानों को भारी संकट
तिकुनिया। ग्राम पंचायत निबौरिया में उच्च प्राथमिक विद्यालय से बंजरिया फार्म तक जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर बनी वर्षों पुरानी पुलिया बाढ़ में ढह गई। ग्राम निवासी संतोश वर्मा, रतीराम वर्मा, फेरुलाल, पंकज मिश्रा और राकेश वर्मा ने बताया कि पुलिया ढह जाने से खेतों पर आने-जाने में परेशानी हो रही है।
करीब तीन किलोमीटर चक्कर काटकर खेतों में पहुंचना पड़ रहा है। इससे खेत की देखभाल नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया बीते एक सप्ताह पूर्व पुलिया ढही है। इसके चलते किसानों के समक्ष खेतों में आवागमन को लेकर दिक्कत खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक शशांक वर्मा से पुलिया बनवाए जाने की मांग की है। संवाद
कठिना नदी में आई बाढ़ का पानी घटा
- कटरा और कोरबाघाट के रपटापुर से शुरू हुआ आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
ममरी। कठिना नदी में आई बाढ़ का पानी घटने से स्थिति सामान्य हो गई है। नदी के कटरा और कोरबा घाट पर बने रपटा पुल पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। इससे क्षेत्रवासियों ने राहत महसूस की है।
सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर, इटौवा, गेहूंआ, गुजरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि रपटा पुल बाढ़ के पानी में डूब गया था, इस वजह से उन्हें संसारपुर गोला जाने के लिए 10 से 12 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा था। साथ ही पुल से नदी पार करते वक्त जान जोखिम में डालनी पड़ रही थी।
बाढ़ का पानी नीचे जाने से दो पहिया और चार पहिया छोटे वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। हालांकि नदी के आसपास खेतों में अब तक पानी चल रहा है। उधर, कोरवा घाट के रपटा पुल पर भी पानी कम हो गया है। इससे क्षेत्रवासियों को अमीर नगर जाने के लिए अब चक्कर काटना नहीं पड़ रहा है।
प्रधान आलोक जायसवाल ने बताया कि पुल के दोनों साइड में लगे लोहे के एंगल कई साल पहले चोर काट ले गए थे। इससे नदी में बाढ़ आने पर वहां हर समय खतरा बना रहता है।
कटरा घाट के रपटा पुल से नदी पार करते राहगीर। संवाद