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Lakhimpur Kheri News: घरों में बाढ़ का पानी, ऊपर से बरसात, कहां जाएं बाढ़ पीड़ित

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निघासन। तराई क्षेत्र के घरों में अब भी बाढ़ का पानी भरा है। बाढ़ से बचने के लिए पीड़ित ऊंचे स्थान पर सड़क किनारे तिरपाल आदि डालकर रह रहे हैं। हालत यह है कि बारिश में छाता लगाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
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सोमवार सुबह से रिमझिम बारिश शुरू हो गई तो ऊंचे स्थानों पर खुले में रह रहे बाढ़ पीड़ित परेशान हो गए। बारिश शुरू हुई तो देवीदीन पुरवा में सड़क किनारे रह रही महिला ने छाता लगाकर खाना बनाया। पानी से लकड़ियां भीग जाने के कारण उनसे धुंआ उठ रहा था। बड़ी मशक्कत के बाद वह चूल्हा जला पाईं। सड़क किनारे जानवरों को खिलाने के लिए भूसा रखा था। बरसात होने के कारण भूसे को तिरपाल से बचाना पड़ा। बस्तीपुरवा, बरोठा और कुर्मिनपुरवा में अब भी पानी भरा है। निघासन-अदलाबाद मार्ग और कटी बगिया के पास पानी चल रहा है।



गंदगी और दुर्गंध से परेशान हैं बाढ़ पीड़ित
निघासन। बाढ़ का पानी मदनापुर, लालबोझी, रानीगंज, खमरिया, झौआपुरवा, पुरैना, जीतपुरवा, गौढ़ी पुरवा, चंदन पुरवा, तमोलिन पुरवा आदि गांवों में कम हुआ है, लेकिन कीचड़ होने के कारण उसमें से दुर्गंध निकल रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
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कई मवेशी बीमार, नहीं हो पा रहा इलाज
मंझली पुरवा में रमेश और महेश की एक-एक गाय और ओमकार की एक भैंस बीमार है। रमेश ने बताया कि टोलफ्री नंबर पर बात की थी। तीन दिन हो गए, अब तक वह नहीं पहुंचे हैं।



तेज धार में डूब गए तीन मवेशी
अदलाबाद में चारों तरफ और गांव के अंदर पानी होने के कारण सिमटा यादव अपने तीन मवेशियों को लेकर बस्तीपुरवा स्थित पुलिया के पास लेकर आए थे। चारा आदि नहीं मिल रहा था। इसलिए वह सूखे स्थान पर पुलिया के पास पानी पीने के लिए एक भैंस और दो पड़ियों को पिलाने लाए थे, तीनों पानी की तेज धार में बह गईं। दो की डूबने से मौत हो गई। एक लापता है।
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