तीसेर दिन भी आरोपी के कपड़े पुलिस ने कब्जे में नहीं लिए
दस साल की दलित बच्ची के साथ रेप का मामला
रेप पीड़िता 10 साल की बच्ची के साथ हुए रेप के मामले में सिंगाही पुलिस ने एसपी की नाराजगी के बाद भले ही 14 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की हो, लेकिन पुलिस की लापरवाही अभी भी कम नहीं हुई है। पुलिस ने तीसरे दिन भी रेप पीड़िता के बयानों की वीडियो रिकार्डिंग नहीं कराई है।
बतादें कि 11 मई को चचेरे भाई के साथ सिंगाही थाना क्षेत्र की एक 10 वर्षीय बच्ची बाग में आम बीनने गई थी। शाम करीब पांच बजे बाग की रखवाली कर रहे सिंगाही के मोहल्ला झाला निवासी मनोज यादव ने बच्ची को कोठरी में बुलाकर दुराचार किया था। पहले दिन से पुलिस घटना के तीन घंटे बाद आरोपी को हिरासत में तो ले लिया था, लेकिन कार्रवाई की बजाय मामले में लीपापोती करने में जुट गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भी नहीं भेजा था, जबकि बच्ची की हालत खराब थी। अगले दिन सुबह ही थाने के बाहर मंदिर में मामले में समझौता पंचायत शुरू हो गई थी। एसपी की फटकार पर एसओ ने 14 घंटे बाद रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन उसका ढर्रा नहीं बदला। रेप पीड़िता को मेडिकल परीक्षण कराकर अपना पल्ला झाड़ लिया। पुलिस ने शनिवार को पीड़िता के कपड़े तो ले लिए, लेकिन उसके बयानों की वीडियो रिकार्डिंग कराई।
आरोपी का चालान कर दिया गया है, बयानों की वीडियो रिकार्डिंग सहित जो भी कार्रवाई है, वह नियमानुसार कराई जाएगी।
डॉ. एस चन्नपा, एसपी