लखीमपुर खीरी। जिले के चार आकांक्षी ब्लॉकों में विशेष रूप से सरकारी योजनाओं को चलाकर इनको आगे के ब्लॉक में शामिल करना है। इसकी लगातार मानीटरिंग की जा रही है, फिर भी हालत सुधर नहीं रही है।
जिम्मेदारों की लापरवाही से जिले का रमियाबेहड़ ब्लॉक प्रदेश के आकांक्षी ब्लाकों में सबसे फिसड्डी है। जून में रमियाबेहड़ सबसे फिसड्डी 108 नंबर पर रहा, जबकि मई में यह ब्लॉक 99 नंबर पर था। बांकेगंज 67 नंबर, धौरहरा 103, ईसानगर 102 पर है।
प्रदेश के 108 आकांक्षी ब्लॉकों को चयनित कर इनमें 50 इंडीकेटर्स पर काम करके इनको अगड़े ब्लाॅक में शामिल करना है। शिक्षा सहित कुल 11 बिंदु हैं, जिनमें माध्यमिक के आठ और बेसिक के नौ इंडीकेटर्स पर काम होना है। कृषि के तीन, पशुपालन का एक ग्राउंड वाटर व ओडीएफ शामिल है। सभी विभागों योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ इन ब्लॉकों के पात्रों को देना है।
इन ब्लॉकों में कहां पर क्या सुधार की जरूरत है, इसके लिए सीएम फेलो तैनाती किए गए। सीएम फेलो को डाटा संग्रहण, अनुश्रवण व सुधार पर फोकस करना है, लेकिन रुचि नहीं दिख रही है। कई साल होने के बाद भी जिले के ब्लाॅकों में कुछ खास सुधार नहीं दिखा। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। संवाद