विधानसभा क्षेत्र में 28 हजार मतदाता हैं थारू जनजाति के
किसानों का साथ मिला तो बदल सकते हैं क्षेत्र के समीकरण
राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी ने पलिया विधानसभा क्षेत्र में थारू जनजाति के रामनरेश राना को अपना प्रत्याशी घोषित कर सबको चौंका दिया है। राकिमपा के इस दांव से इस सीट पर समीकरणों में बड़ा फेरबदल होना तय माना जा रहा है।
राकिमपा अध्यक्ष किसान नेता वीएम का सिंह की किसानों के बीच खासी लोकप्रियता है। गन्ना भुगतान के साथ कई और समस्याओं को लेकर उन्होंने यहां हमेशा किसानों का साथ दिया है। 2012 में वह खुद यहां से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े थे, वह जीते तो नहीं लेकिन करीब 20 हजार वोट पाकर अपनी ताकत का एहसास जरूर करा दिया। इस चुनाव से पहले उन्होंने अपने संगठन को राजनीतिक दल राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी में तब्दील कर दिया। अब उन्होंने पलिया से थारू जनजाति के रामनरेश राना के रूप में प्रत्याशी भी उतार दिया। राना ने नामांकन भी करा दिया है।
बता दें कि विधानसभा क्षेत्र में थारू जनजाति के करीब 28 हजार वोटर हैं। अगर वीएम सिंह के प्रत्याशी को किसानों का भी साथ मिला तो नतीजों पर इसका असर पड़ना अवश्यंभावी माना जा रहा है।
कांग्रेस कोटे की सीट पर सपा की अनीता यादव ने भी भरा पर्चा
कांग्रेस और सपा में गठबंधन जरूर हुआ है लेकिन पलिया में अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। गठबंधन में यह सीट कांग्रेस के कोटे में गई है। कांग्रेस ने यहां से सैफ अली नकवी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है जो अपना नामांकन भी करा चुके हैं, लेकिन अब समाजवादी पार्टी की अनीता यादव ने भी पर्चा भर दिया है। गठबंधन होने से पहले समाजवादी पार्टी ने अनीता यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया था जो चुनाव लड़ने की तैयारियों में भी जुटी हुई थीं। अब उनके पर्चा भर देने से सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।