पिछले 15 दिनों से पड़ रही कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी के बाद मंगलवार की सुबह तेज हवाओं के साथ हुई वर्षा से राहत मिली है। रात भर गर्मी और उमस रहने के बाद सुबह आसमान में घने काले बादल घिर आए। करीब साढ़े सात बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई जो करीब 11 बजे तक जारी रही। तेज हवा के साथ बरसात होने के कारण कई पेड़ों की डालें टूट कर गिर गईं। बरसात से तापमान में गिरावट आई और कुछ देर के लिए मौसम सुहावना हो गया लेकिन बाद में कड़ी धूप निकलने से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं।
सुबह साढ़े सात बजे तेज हवाओं के साथ वर्षा होने से मौसम तो सुहावना हो गया लेकिन कई पेड़ों की डालें टूट गईं और ग्रामीण क्षेत्रों में छप्पर उड़ गए। सुबह वर्षा होने के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हीरालाल धर्मशाला चौराहा, कलक्ट्रेट, जिला पंचायत परिसर, विलोबी हाल, जिला अस्पताल परिसर आदि जगहों पर जलभराव हो गया।
तेज हवाओं के साथ वर्षा होने के कारण बिजली लाइन पर पेड़ों की डालें गिरने से तार टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। यह बरसात जिले के तकरीबन सभी क्षेत्रों में हुई है। गोला, बांकेगंज, मैलानी, निघासन, धौरहरा, जंगबहादुरगंज, नकहा, बिजुआ, शारदानगर, फूलबेहड़ आदि जगहों से भारी बारिश होने की सूचना मिली है। सुबह साढ़े सात बजे से 11 बजे तक वर्षा होने के कारण बच्चों को अपने स्कूल और लोगों को काम पर जाने में दिक्कत उठानी पड़ी।
गोला गोकर्णनाथ। भीषण गर्मी के बाद मंगलवार को तेज हवा के साथ हुई वर्षा ने राहत दी।
पलियाकलां। सुबह तेज हवाओं के साथ हुई वर्षा ने जिंदगी की रफ्तार को रोक दिया है। बारिश दोपहर तक हुई। इससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं तमाम दुश्वारियां भी हुईं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा तो मजदूर मजदूरी पर नहीं जा पाए। शहर की मालगोदाम रोड, मेला गेट के पास, मेला रोड, मछली मंडी रोड पर जलभराव हो गया जो घंटो तक रहा। इससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के साथ आई बारिश ने कई स्थानों पर फसलों को गिरा दिया। बारिश के दौरान मंडी समिति में एक बड़ा पेड़ टूट कर गिर गया। जिससे वहां अफरा तफरी का माहौल रहा।
मझगईं। सुबह तेज हवाओं के साथ जमकर हुई वर्षा से किसान सुरजीत सिंह, दयाल सिंह, लाडी, धर्मपाल चौधरी आदि की कई एकड़ फसल गिर कर खेतों में ही बिछ गई।