मार्च के अंत में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। रविवार शाम अचानक आसमान में बादल घिर आए। देर शाम तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदा-बांदी रात में तेज बारिश में बदल गई। रात भर झमाझम बारिश के बाद सुबह 11 बजे तक रिमझिम बारिश जारी रही। इस बीच 7.4 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। बारिश से तो खास नुकसान नहीं हुआ लेकिन तेज हवाओं ने तैयार फसलों जैसे गेहूं, मसूर, आलू और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
जिले में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होने की सूचना है। तेज हवाओं से कई झोपड़ियों के छप्पर उड़ गए। कई टीन शेड उड़कर दूर जा गिरे। कई पेड़ सड़कों पर गिर गए इससे कई जगह यातायात भी बाधित हुआ है। आंधी से बिजली आपूर्ति भी कई घंटे ठप रही। उधर सुबह से 11 बजे तक बारिश होते रहने से लोगों को दफ्तर और विद्यार्थियों को भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा। बारिश के चलते बढ़ रही गर्मी से राहत जरूर मिली है।
मैलानी। आंधी और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से गेंहू, मसूर को काफी क्षति पहुंची। जबकि बोए गए गन्ने और पेड़ी को फायदा मिला है।
बांकेगंज। रविवार शाम तेज धूल भरी आंधी के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार खड़ी फसलों की कटाई प्रभावित हुई है।
पलियाकलां। तेज आंधी से इलाके में तमाम छप्पर उड़ गए और उसके कुछ देर बाद शुरू हुई भारी बारिश से शहर में जल भराव कर दिया, इसमें गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। चंदनचौकी, संपूर्णानगर, गौरीफंटा, भीरा, महंगापुर, खजुरिया इलाकों में यही हाल रहा।
तिकुनियां। तेज आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। टीन शेड और फूस के छप्पर उड़ गए गेहूं की फसल खेतों में गिर जाने से नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से गन्ने की फसल को लाभ मिला है।
बेलरायां। तेज हवाओं की बीच झमाझम बारिश होने से खेतों में लगी लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, कद्दू, पालक की सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं खेतों में खड़ी रबी, मसूर की फसलें बर्बाद हो गयी है।
निघासन। रविवार शाम को आई तेज आंधी से गांव भजनपुरवा निवासी रामदेवी की गौशाला पर चढ़ी टीन गिर गई। उधर लोनियनपुरवा में महेश और सुनीता के घर के छप्पर उड़ गए। सड़क किनारे लगे पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ है। इससे आवागमन भी बाधित हुआ।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल ने बताया कि तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं, मसूर, चना, मटर और आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पक रही गेहूं की फसल में दाना कमजोर होने की आशंका है। बोए गए गन्ना और गन्ना पेड़ी को बारिश से लाभ पहुंचा है।