लगातार 40 घंटे हुई तेज बरसात के बाद मंगलवार को दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। हालांकि आसमान में छिटपुट बादल छाए रहे। सोमवार शाम से सुबह आठ बजे तक औसतन 76 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। लखीमपुर में 74 मिमी, शारदा बैराज पर 70 मिमी, पलिया में 84 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई है। वायुमंडल में आद्रता होने के बावजूद दोपहर में धूप निकलने से लोग उमस भरी गर्मी से लोग अकुला उठे।
मूसलाधार बारिश से शहर की सड़कों और गलियों में जलभराव हो गया। सुबह स्कूल-कॉलेज जाते समय पानी बरसने के कारण बच्चों को भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा। दिन में तेज धूप तो नहीं रही लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। पानी बरसने से सुबह कुछ देर के लिए तो जनजीवन प्रभावित हुआ लेकिन वर्षा थमने के बाद जनजीवन पटरी पर लौट आया।
सोमवार को पूरे दिन वर्षा होने के बाद रात भर तेज बारिश हुई। यह बरसात मंगलवार की सुबह भी जारी रही। दोपहर तक तो आसमान में बादल छाए रहे लेकिन दोपहर बाद बादल छंटे तो धूप निकल आई और उमस भरी गर्मी बढ़ गई। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी। बादल छाए रहने से रात में फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। बरसात से खुशनुमा हुआ मौसम एक बार फिर उमस भरी गर्मी में बदलने से दिक्कतें बढ़ गई हैं।
तेज बरसात से सदर स्कूल का कैंपस, कलक्ट्रेट परिसर, हीरालाल धर्मशाला चौराहा, जिला अस्पताल, रेलवे कालोनी, विलोबी मेमोरियल हाल का मैदान, जिला पंचायत परिसर, नई बस्ती की गलियों, शिव कालोनी, शिवपुरी, गंगोत्री नगर कालोनी के अलावा मेला मैदान से इमली चौराहा, मेला मैदान से महेवागढ़ी, और नौरंगाबाद रोड की जर्जर सड़कों पर दिन भर जलभराव की स्थिति बनी रही इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
सोमवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। यहां हुई बरसात से हालांकि नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रशासन बाढ़ के मद्देनजर नदियों के जलस्तर पर निगाह रख रहा है। जिला प्रशासन बनबसा बैराज से लगातार संपर्क में है।
मैलानी। सोमवार रात भी यहां बारिश हुई। रात करीब ढाई बजे वर्षा शुरू हुई। काफी देर तक तो तेज बारिश होती रही, उसके बाद सुबह आठ बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही है। बारिश से धान और गन्ने की फसल को खूब लाभ हुआ है।