लखीमपुर खीरी। पिछले पांच-छह दिनों से हो रही उमस भरी गर्मी के बाद सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई झमाझम बारिश से मौसम में तरावट आ गई। भीषण गर्मी से राहत मिली और खेत पानी से भर गए। जिससे किसानों ने धान रोपाई तेज कर दी है। हालांकि दोपहर बाद एक बार फिर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।
जिले में अब तक कुल 190 मिमी बारिश हुई है, जबकि औसत बारिश का मानक 185 मिमी है। उधर, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों के लिए अभी और बारिश की जरूरत है। थोड़ी-थोड़ी बारिश से फसलों को पर्याप्त फायदा नहीं मिला है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद खेतों में पानी दिखने लगा है, जिससे धान रोपाई का काम तेज हो गया है।
अहिराना पहुंचे डीएम... देखा हाल
मंगलवार को डीएम ने अहिराना गांव में पहुंचकर कटान की स्थिति देखी। मंगलवार सुबह आठ बजे तक शारदा बैराज में नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बराबर पहुंच गया है। गिरिजा बैराज क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। यहां खतरे का निशान 136.7 मिमी है। बनबसा बैराज में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है। खतरे का जल स्तर 223 मीटर है। पलिया में शारदा नदी का खतरे का जलस्तर 154.59 मीटर है, जबकि नदी का जलस्तर एक मीटर नीचे 153.98 मीटर बना हुआ है।
बारिश से शहर में कई जगह हुआ जलभराव
सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई बारिश से महिला अस्पताल के सामने कीचड़ हो गया। जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। राजगढ़ में सड़क पर और महिला अस्पताल में पर्चा काउंटर के सामने, जिला पंचायत कार्यालय, नगर पालिका कार्यालय, रोडवेज बस स्टेशन रोड पर जलभराव होने से लोगों की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश से गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा
मोहम्मदी। बारिश से गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गोमती नदी में जल बढ़ने से आसपास के गांवों में वाटर लेवल जल्दी ऊपर आने की संभावना है। उधर, सिसोरा निकूमपुर सहकारी समिति में जलभराव से किसानों को खाद लेने में दिक्कत हो रही है। बारिश से सोसायटी के परिसर में जलभराव से अध्यक्ष और सचिव को भी कार्यालय तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। संवाद
मुख्य मार्ग पर भरा पानी, लोगों की दिक्कतें बढ़ीं
अमीरनगर। ग्राम पंचायत देवरिया गांव के मुख्य मार्ग पर बारिश के बाद जलभराव हो गया है। यह मार्ग देवरिया गांव से नौवाखेडा, यासीनपुर और सुभाषनगर के लिए जाता है। यहीं से एक रास्ता पिपरिया गांव के लिए जाता है। बारिश के बाद जलभराव हो जाने से कई गांव के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है। साथ ही गांव के लोगों के लिए जलभराव मुसीबत बना हुआ है। संवाद
एक घंटे तराई में मूसलाधार हुई बारिश, किसानों को फायदा
पलियाकलां/ममरी। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की परेशानियों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ा। सुबह से ही बादलों की आवाजाही के बाद दोपहर बाद बरसात हुई। खेतों में नमी और पानी भरने से किसानों को धान रोपाई में काफी फायदा हुआ है। उधर बोझवा गांव में रोड पर पानी भर गया है। जबकि कचनारा व दौलतापुर आदि में भी सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं ममरी में किसानों का कहना है कि बरसात का पानी खेतों में खड़ी गन्ना, दाल, उड़द, मूंग सभी फसलों के लिए वरदान साबित हो रहा है। किसानों के अनुसार, 70 फ़ीसदी धान की रोपाई हो चुकी है। संवाद
सीतापुर रोड राज्रगढ़ में भरा पानी
सीतापुर रोड राज्रगढ़ में भरा पानी
सीतापुर रोड राज्रगढ़ में भरा पानी
सीतापुर रोड राज्रगढ़ में भरा पानी