गरीब की थाली से पहले ही दूर थी दाल की कटोरी
बाजार में एक बार दालें गर्म होने लगी हैं। गरीबों की थाली से पहले ही दाल की कटोरी रूठी हुई चल रही थी। अब यह दूरी और बढ़ने लगी है। उधर वर्षा शुरू होते ही सब्जियां अलग तेवर दिखा रही हैं। कभी सामान्य लोग बातचीत में कहते थे कि इतना कमा लेता हूं कि दाल रोटी चल जाती है जबकि आज यह मुहावरा बदलता दिख रहा है। लोग कहने लगे हैं कि किसी तरह नमक रोटी चल रही है।
पिछले 15 दिनों के अंदर दाल की कीमतों में 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अरहर की दाल 15 दिन पहले 140 रुपये प्रति किग्रा बिक रही थी जो अब बढ़कर 150 रुपये हो गई है। मसूर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है तो धी और तेल के मूल्यों में भी तेजी आई है। आलू 15 दिन पहले 10 रुपया प्रति किग्रा बिक रहा था जो अब बढ़कर 15 रुपया किग्रा हो गया है। रसोई में इस्तेमाल होने वाली हर खाने पीने की चीजों के मूल्यों में बढ़ोतरी शुरू होने से वेतनभोगियों की परेशानी बढ़ रही है।
दाल, घी, तेल के मूल्यों का तुलनात्मक विवरण
वस्तु मौजूदा मूल्य 15 दिन पहले
अरहर दाल 150-160 रुपये प्रति किग्रा 140 रुपये प्रति किग्रा
मसूर दाल 100 रुपये प्रति किग्रा 100 रुपये प्रति किग्रा
उरद की दाल 160 रुपये प्रति किग्रा 140 रुपये प्रति किग्रा
तेल 100 रुपये प्रति लीटर 90 रुपये प्रति लीटर
सब्जियों के मूल्यों का तुलनात्मक विवरण
सब्जी मौजूदा मूल्य 15 दिन पहले
आलूूू 15 रुपये प्रति किग्रा 10 रुपये प्रति किग्रा
लौकी 10 रुपये प्रति किग्रा 20 रुपये प्रति किग्रा
घुइंया (अरबी) 40 रुपये प्रति किग्रा 35 रुपये प्रति किग्रा
तोरई 30 रुपया प्रति किग्रा 25 रुपये प्रति किग्रा
शिमला मिर्च 30 रुपया प्रति किग्रा 25 रुपये प्रति किग्रा
लहसुन 120 रुपया प्रति किग्रा 100 रुपये प्रति किग्रा