मैलानी (लखीमपुर खीरी)। कोरोना के कारण ऐशबाग मैलानी रेलखंड पर पिछले नौ माह 19 दिन से बंद ट्रेनों का संचालन बुधवार को फिर से शुरू हो गया। पहले दिन 75 लोगों ने आरक्षित टिकट से यात्रा की। बुकिंग कराने से लेकर ट्रेन में बैठने से पहले तक यात्रियों को कोविड नियमों से होकर गुजरना पड़ा। इसके बाद ही सफर करने की अनुमति मिली।
कोरोना के कारण 22 मार्च से ऐशबाग मैलानी के बीच ट्रेन संचालन बंद है। पिछले दिनों रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर मैलानी के बीच एक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन (गोमती एक्सप्रेस) चलाने की अनुमति दी। इस पर बुधवार को मैलानी से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेन (गोमती एक्सप्रेस) अपने निर्धारित समय शाम 05:30 बजे रवाना हुई। पहले दिन लखनऊ और गोरखपुर के लिए 75 मुसाफिरों ने आरक्षित टिकट पर यात्रा पर की। वहीं कोविड- प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद रही।
.
बुधवार को पहुंची रैक ( खाली ट्रेन)
स्पेशल ट्रेन के लिए बुधवार की सुबह करीब नौ बजे लखनऊ से खाली रैक लेकर इंजन मैैलानी पहुंचा। रेल कर्मचारियों के मुताबिक लखनऊ में ट्रेन की बोगियों को सैनिटाइज किया गया। स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के लोगों केे काफी मशक्कत करनी पडी।
.
प्रोटोकॉल के तहत ही स्टेशन पर मिली एंट्री
ट्रेन रवानगी से डेढ़ घंटा पहले यात्रियों का स्टेशन पर आना शुरू हो गया। प्रवेश द्वार पर स्टेशन अधीक्षक रमेश कुमार की उपस्थित में रेलवे सुरक्षा बल के लोग यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करते रहे। मास्क लगाकर ही स्टेशन परिसर में जाने की अनुमति थी। शाम साढ़े पांच बजते ही लोको पायलट रूपचंद्र, सहायक लोको पायलट राममूर्ति एवं गार्ड संजय शर्मा स्पेशल ट्रेन को गोरखपुर के लिए लेकर रवाना हुए। इस दौरान आरपीएफ पोस्ट प्रभारी विष्णु सिंह, एसआई चंद्रिका यादव, रमेश कुमार, एएसआई घनश्याम, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक अली जहीर, टीआई श्रवण सिंह आदि मौजूद रहे।
.
बाजार से खरीदा मास्क, तब मिला प्रवेश
जानकारी के अभाव में कुछ यात्री बिना मास्क के ही स्टेशन पहुंच गए। इस पर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इस पर यात्री बाजार से मास्क खरीदकर लाए। इसके बाद आरपीएफ के लोगों ने स्टेशन परिसर में प्रवेश कर ट्रेन में बैठ सके।
.
बोले मुसाफिर-कम किराए में सुविधाजनक होगी यात्रा
रोजी रोटी के लिए लखनऊ में काम धंधा करता हूं। ट्रेन बंद हो जाने से बस से लखनऊ आना-जाना काफी महंगा पड़ता था। अब कम किराए में सुविधाजनक यात्रा होगी।
-सुखदेव सिंह निवासी बढ़ईपुर-शाहजहांपुर
.
लखनऊ में काम धंधा करता हूं। बस से जाने में किराया भी अधिक लगता था और दिक्कत भी होती थी। मगर, ट्रेन से अब कम किराए में आरामदायक सफर होगा।
-मोहन कुमार निवासी हंसपुर- शाहजहांपुर
.
काम धंधे के कारण अक्सर लखनऊ आना-जाना रहता है। बस से आने जाने में करीब 500 रुपये खर्च हो जाते। मगर, ट्रेन से इतने में दो बार आना जाना हो जाया करेगा।
-हरविंदर सिंह निवासी शाहजहांपुर
.
बस का सफर बेहद कष्टदायक है। जबकि ट्रेन की यात्रा आरामदायक है। बस से गोरखपुर तक जाने में कई जगह बस बदलनी पड़ती थी, लेकिन अब सुविधाजनक यात्रा होगी।
-केके पांडे निवासी सलावतनगर
-
पहले दिन 75 यात्रियों ने किया सफर
पहले दिन स्पेशल ट्रेन में मैलानी से गोरखपुर और लखनऊ के लिए करीब 75 यात्री सवार हुए। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक अली जहीर ने बताया कि इसमें टू एस, स्लीपर और एसी स्लीपर के यात्री शामिल हैं।
-
लखीमपुर से स्पेशन ट्रेन में सवार हुए 21 यात्री
लखीमपुर खीरी। मैलानी से गोरखपुर के लिए रवाना हुई स्पेशल ट्रेन से बुधवार को 21 मुसाफिर लखनऊ, गोरखपुर और गोंडा के लिए सवार हुए। इससे रेलवे को करीब 22 सौ रुपये की आय हुई।
जब ट्रेन स्टेशन से रवाना नहीं हो गई तब तक जीआरपी एसओ मनोज कुमार स्टेशन पर गश्त कर यात्रियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित करते रहे।
-
कोरोना के कारण बंद चल रहे ट्रेन संचालन से क्षेत्रवासियों को कठिनाई हो रह थी। एक अंतराल बाद मैलानी से लखनऊ और गोरखपुर के लिए ट्रेन सुविधा मिल गई है। इसके लिए क्षेत्रवासियों को बधाई।
-महेश गुप्ता, पीआरओ, लखनऊ