मैलानी (लखीमपुर खीरी)। एनई रेलवे के एजीएम (गोरखपुर) अमित कुमार ने यहां दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया और मीटरगेज का म्यूजियम बनाने के लिए संभावना तलाशीं।
एजीएम अमित कुमार निरीक्षण यान से अधिकारियों की टीम के साथ दोपहर एक बजे मैलानी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ओवरब्रिज से भूमि का जायजा लिया। इसके बाद वह कैरिज डिपो पहुंचे और यहां खड़ी रेल बस का अंदर से भी मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने रनिंग रूम, पुराने निष्प्रयोज्य बंगलों को देखा। उन्होंने अधिकारियों से मीटरगेज के वाटर कालम, पुराने ट्रांसफार्मर, सिग्नल, मैनुअल प्वाइंट्स आदि की जानकारी की, ताकि उन्हें म्यूजियम में रखा जा सके। इनमें से कुछ भी चीजें यहां नहीं होने की बात अधिकारियों ने बताईं, तब एजीएम ने मीटरगेज की पुरानी चीजों को अन्य स्थानों से जुटाने की बात कही।
बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मीटरगेज का एक म्यूजियम बनना है, उसी के लिए यहां संभावनाएं तलाशने आए हैं। उन्होंने कहा कि म्यूजियम बनने के लिए मैलानी का दावा सबसे मजबूत है। कहा कि कोशश यह है कि ऐसी जगह म्यूजियम बने, जहां अधिक से अधिक दर्शक पहुंच सकें। अभी इसके लिए वन विभाग से भी बात करनी है।
क्या है वाटर कालम
रेलवे की डीजलीकरण नीति के चलते करीब तीन दशक पूर्व स्टीम इंजन को हटाने के साथ मीटरगेज की ट्रेनें डीजल पॉवर से चलाया जाने लगा। स्टीम इंजन में कोयले के साथ ही पानी की आवश्यकता होती थी। इंजन में पानी भरने के लिए वाटर कालम का उपयोग होता था और उसी से इंजनों में पानी भरा जाता था।
माला-शाहगढ़ के बीच भी फंसा है वन विभाग का पेंच
एजीएम अमित कुमार ने कहा कि मैलानी-पीलीभीत के बीच भी आमान परिवर्तन का काम चल रहा है। इस रूट पर भी माला और शाहगढ़ स्टेशनों के बीच काम के लिए अब तक वन विभाग से एनओसी नहीं मिल सकी है। कहा कि केंद्रीय वन्य जीव बोर्ड की एक बैठक होनी है, उसके बाद ही इस संबंध में कोई हल निकल सकेगा। बताया कि वन विभाग माला-शाहगढ़ के बीच कभी अंडरपास तो कभी ओवरपास बनाने की बात कर रहा है।
पीलीभीत कनेक्ट होने पर बढ़ेंगी ट्रेनें
एजीएम ने कहाकि मैलानी से पीलीभीत तक कनेक्टिविटी होने पर ही लखनऊ रूट पर ट्रेनें बढ़ेंगी।