लखीमपुर खीरी- मैलानी। लखीमपुर मैलानी के बीच आमानपरिवर्तन का काम पूरा हो जाने के बाद मंगलवार को इस रेल खंड का मंगलवार को इंजन ट्रायल हुआ। रेलवे एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने 110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इंजन दौड़ाकर ट्रैक का निरीक्षण किया। ट्रायल के दौरान मौजूद अधिकारी ट्रायल की सफलता का दावा कर रहे हैं।
ट्रायल के लिए रेलवे और रेल विकास निगम के अधिकारी मंगलवार को गोमती एक्सप्रेस से स्टेशन पहुंचे। रेल के टीआई वीके सिंह, एसएई सिग्नल जगदीश प्रसाद, लोको निरीक्षक नवनीत वर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ सुरेंद्र प्रताप, लोको पायलट कमलेेश कुमार, शिवशंकर, गार्ड उमेश कुमार, रेलविकास निगम के डीजीएम एसके वर्मा, छोटेलाल ने ट्रायल के लिए तैयार इंजन का पूजन कर नारियल फोड़ा। इसके बाद एक बजे इंजन ने मैलानी के लिए रफ्तार भरी। फरधान, गोला एवं बांकेगंज होते हुए बिना रुके इंजन 01 बजकर 40 मिनट पर मैलानी पहुंचा। अधिकारियों ने ट्रायल इंजन से 61 किलोमीटर की दूरी 40 मिनट में तय की। मैलानी में इंजन को यार्ड में चलाकर प्वाइंट्स का भी परीक्षण किया गया। इंजन ट्रायल करने वाले अधिकारियों के मुताबिक ट्रायल सफल रहा।
ट्रेन न हो लेट इसलिए आया दूसरा इंजन
कार्यदायी संस्था पहले गोमती एक्सप्रेस के इंजन से ट्रायल करवाना चाहती थी। मगर, ट्रायल के कारण कहीं ट्रेन लेट न हो जाए इसलिए अधिकारियों ने दूसरा इंजन मंगाया। रेलवे के लोगों का कहना था कि पहले विचार गोमती एक्सप्रेस के इंजन से ही ट्रायल कराने का था। मगर, मैलानी जाकर वापस आने में यदि कहीं देर होती तो ट्रेन भी लेट जाती। ट्रेन लेट होने से अधिकारियों पर कार्रवाई हो जाती है। इसलिए अधिकारियों ने दूसरा इंजन मंगाना मुनासिब समझा।
पत्थर से टकराते बचा इंजन
स्पीड ट्रायल की जानकारी होने के बावजूद मैलानी जंक्शन के अधिकारी लापरवाह बने रहे। एक नंबर प्लेटफार्म से दो पर जाने के लिए मेन गेट के सामने ही ट्रैक किनारे पत्थर पड़े रहे। इन्हें हटवाने की जरूरत नहीं समझी। इंजन के पहुंचने पर जब चालक को ट्रैक किनारे पत्थर दिखे तो उसने पहले ही इंजन रोक दिया। इससे इंजन पत्थरों से टकराने से बच गया। यह देख अधिकारियों ने पत्थर हटवाए।
इस समय यहां पहुंचा इंजन
लखीमपुर से रवाना हुआ- 01 बजे
फरधान- 01 बजकर 13 मिनट
गोला -01 बजकर 25 मिनट
बांकेगंज -01 बजकर 32 मिनट
मैलानी- 01 बजकर 40 मिनट
ट्रायल इंजन का हार्न सुन लोगों के खिले चेहरे
बांकेगंज। लखीमपुर से चलकर फरधान और गोला होते हुए इंजन मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बांकेगंज स्टेशन पहुंचा। इंजन का हार्न सुनकर कस्बेवासियों स्टेशन पहुंचने लगे। ट्रायल इंजन बिना रुके मैलानी निकल गया। ट्रायल इंजन को लेकर लोगों को उम्मीद हो गई कि अब जल्द ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ेंगी।
लखीमपुर मैलान के बीच 110 की स्पीड से रेलवे ट्रैक का ट्रायल हुआ। जो सफल रहा। हालांकि अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। 25 और 26 अक्तूबर को सीआरएस ट्रायल होना संभावित है।
- आलोक कुमार श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी
पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ