लखीमपुर खीरी। लखीमपुर के साथ अब गोला, बांकेगंज और मैलानी के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही यहां के यात्रियों को भी ट्रेनों से सफर करने की सागौत मिलने वाली है। इसके लिए रेल विकास निगम और रेल के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को लखीमपुर मैलानी रेल ट्रैक पर स्पीड ट्रायल किया। अधिकारियों का दावा है कि 105 किलोमीटर से अधिक की स्पीड से किया गया ट्रायल सफल रहा, इसमें 45 मिनट लगे।
सीतापुर मैलानी के बीच 106 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का आमान परिवर्तन 2016 में शुरू हुआ था। इसके लिए उसी वर्ष 14 अक्तूबर से छोटी लाइन की ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। मगर ब्रॉडगेज की पटरियां बिछाने में तीन साल का समय लग गया। मगर, इस दौरान सिर्फ लखीमपुर तक ही काम पूरा हो सका। इस पर रेलवे ने हाल ही में 28 अगस्त से ट्रेनों का संचालन भी शुरू करा दिया। मलाड लखीमपुर और अमर रानी के बीच रेलवे ट्रैक का काम पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम ने बृहस्पतिवार को स्पीड ट्रायल किया। रेलवे स्टेशन पहुंचे अधिकारियों ने विधि विधान से पूजन करने के बाद गोमती एक्सप्रेस के इंजन से स्पीड ट्रायल किया। इंजन ने 12:15 बजे लखीमपुर से मैलानी के लिए रफ्तार भरी। ट्रायल के दौरान फरधान और बांकेगंज में नहर पर बने पुल का निरीक्षण कर उनकी लोड क्षमता भी जांची। इससे 60 किलोमीटर दूर मैलानी आउटर तक इंजन को लखीमपुर से पहुंचने में दो घंटे पांच मिनट का समय लगा। उधर मैलानी से वापसी में इंजन 45 मिनट में रन थ्रू लखीमपुर पहुंचा। स्पीड ट्रायल के समय इंजन केबिन में रेलवे के सीनियर डीईएन बीपी सिंह, रेल विकास निगम के सीनियर मैनेजर विनोद तिवारी, डीजीएम एसके वर्मा, रेलवे के यातायात निरीक्षक वीके सिंह आदि मौजूद रहे।
मैलानी लखीमपुर के बीच रेलवे ट्रैक का 105 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति से स्पीड ट्रायल किया गया है, जो सफल रहा। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी जाएगी। रेलवे बोर्ड से ही सीआरएस की तिथि निर्धारित होगी। -बीपी सिंह सीनियर डीईएन