सोमवार को रेल कर्मचारियों ने स्टेशन पर कैंप लगाकर करीब दो सौ लोगों को एप डाउनलोड कराकर इसके बारे में जानकारी दी। बता दें कि पहले अनारक्षित टिकट रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर से ही मिलते थे। ऐसे में लोगों को टिकट के लिए लंबी लाइन में लगकर काफी इंतजार करने के साथ धक्का मुक्की जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इन परेशानियों से यात्रियों को बचाने के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगवाई हैं। इसके लिए यात्रियों का स्वयं वहां पर मौजूद होना जरूरी है।
अब यात्रियों को इन सारी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए यूटीएस मोबाइल एप लांच किया है। रेलवे स्टेशन पर लगे जागरूकता शिविर में रविवार को 44 और सोमवार को 106 नगरवासियों को एप के बारे में जानकारी देकर टिकट बुुक कराना सिखाया गया। इस दौरान एम कुमार, वाणिज्य अधीक्षक मनोज कुमार आदि रेल कर्मचारी मौजूद रहे।
यूटीएस एप से इस तरह बुक करें टिकट
- यूटीएस एप एंड्रायड फोन में प्ले स्टोर से इंस्टॉल करें।
- इसके बाद अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर कर अपनी आईडी बनाएं।
- यूपीआई, नेट बैंकिंग एवं आर वॉलेट से राशि का भुगतान करें।
- इसके बाद एप में टिकट बुक करने के दो विकल्प दिखेंगे।
- पहला पेपरलेस व दूसरा प्रिंट, जिसमें से एक विकल्प चुनकर टिकट बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- प्रिंट का विकल्प चुनने पर स्टेशन के टिकट काउंटर से प्रिंट निकलवाना होगा, जबकि पेपरलेस में इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्टेशन की परिधि से 15 मीटर बाहर एवं पांच किमी. के अंदर ही एप से मिलेगा टिकट
रेल अधिकारियों का कहना है यह एप रेलवे स्टेशन से 15 मीटर की परिधि के बाहर और पांच किलोमीटर की परिधि के अंदर ही काम करेगा, क्योंकि प्रत्येक रेलवे स्टेशन जीपीएस सिस्टम से लैस है। इसलिए रेलवे स्टेशन की 15 मीटर परिधि में आते ही एप काम करना बंद कर देगा। इसी तरह पांच किलोमीटर की परिधि के बाहर जाते ही एप बंद हो जाएगा।