स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुनाथ प्रसाद का शुक्रवार को सुबह उनके आवास सरखना पूरब में निधन हो गया। यह खबर गांव फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गमगीन माहौल में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।
सरखना पूरब निवासी 102 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुनाथ प्रसाद पुत्र मथुरा प्रसाद का निधन उनके पैतृक आवास पर हो गया। वह बीमार चल रहे थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
उनकी पढ़ाई जिले की गोला तहसील में हुई थी और यहां से पढ़ाई करने के बाद ही वह स्वतंत्रता आंदोलन में जुड़ गए थे। वह काफी विद्वान थे इसके अलावा उन्होंने करीब 35 वर्ष तक प्रधान रहकर गांव की सेवा भी की थी । वह अपने पीछे पत्नी, तीन लड़के और छह लड़कियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उनकी मृत्यु की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। नायब तहसीलदार आशुतोष गुप्ता और तमाम पुलिस बल वहां पहुंचा। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस ने शोक सलामी दी।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सोमवती के पति करुण राना, एसओ केपी सिंह, एसएसआई केएन सिंह, एसआई अशोक कुमार, दीवान राम औतार, नरेश यादव सहित तमाम पुलिस बल और ग्रामीण मौजूद रहे।