अव्यवस्थाओं को लेकर नाराज दिखे शिक्षक और छात्र
जीआईसी मैदान पर हो रहीं मंडलीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं में जिसमें रायबरेली जिले के छात्र छात्राएं आगे रहे। वहीं, दूसरे दिन भी खेल मैदान में अव्यवस्थाओं का जमकर बोलबाला रहा, जिससे जिले के छात्रों एवं गैर जनपदों से आए शिक्षकों और छात्रों में नाराजगी रही।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन सब जूनियर बालक वर्ग की चक्र क्षेपण प्रतियोगिता में लखीमपुर के नमन प्रथम, ऊंची कूद में रायबरेली के मनीष प्रथम, गोला फेंक में हरदोई के शाहरूख अली प्रथम एवं 600 मीटर की दौड़ में लखीमपुर के विकास प्रथम एवं सब जूनियर बालिका वर्ग की 600 मीटर की दौड़ में उन्नाव की छात्रा काजल प्रथम विजेता रहीं। जूनियर वर्ग की हुई भाला फेंक प्रतियोगिता में उन्नाव के अनिल पटेल प्रथम, तीन हजार एवं 1500 मीटर की दौड़ में रायबरेली के अतुल सिंह प्रथम, गोला फेंक में रायबरेली के राजेश कुमार प्रथम एवं जूनियर बालिका वर्ग की 3000 एवं 1500 मीटर की दौड़ में लखनऊ की काजल शर्मा प्रथम, गोला क्षेपण में लखीमपुर की प्रतिभा पांडे प्रथम रहीं। सीनियर बालक वर्ग में चक्र क्षेपण में लखीमपुर के नरेश प्रथम, गोला फेंक में रायबरेली के भीम सिंह प्रथम, 5000 एवं 1500 मीटर की दौड़ में लखीमपुर के अम्बरीष कुमार प्रथम विजेता रहे। वहीं सीनियर बालिका वर्ग की चक्र क्षेपण एवं गोला फेंक में उन्नाव की नितिका प्रथम, ऊंची कूद में रायबरेली की काजल प्रथम, 5000 मीटर की दौड़ में रायबरेली की कोमल प्रथम एवं 1500 मीटर की दौड़ की शीलू यादव प्रथम विजेता रहीं।
हावी अव्यवस्थाओं को लेकर नाराज दिखे शिक्षक और छात्र
लखीमपुर खीरी। प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। इनको शुरू कराने के बाद जिम्मेदारों ने इस तरफ से मुहं ही मोड़ लिया। मंगलवार को मंच से अधिकतर जिम्मेदारी नदारद रहे। वहीं मैदान में टेंट के गद्दों के सहारे ऊंची कूद करा दी गई, वहीं ट्रैक पर भी छात्रों का आना जाना होता रहा, जिससे दौड़ प्रतियोगिता में व्यवधान होता रहा। खेल शिक्षकों का कहना था कि ऊंची कूद के लिए जमीन की खुदाई करवाकर उसे नर्म तैयार किया जाता है, जिससे छात्रों को दुर्घटना से बचाया जा सके, लेकिन यहां पर तो जमीन पर गद्दे डालकर ऊंची करवाने का मजबूर हो गए। ऐसे में यदि किसी छात्र छात्रा को चोट आ जाए तो मुसीबत हो जाए। शिक्षकों ने बताया कि ऐसा हमने और किसी जगह नहीं देखा, सोचा था कि लखीमपुर में प्रतियोगिताओं को लेकर इंतजाम ठीक ठाक होंगे ,लेकिन यहां प्रतियोगिताओं को कराया नहीं, सिर्फ निपटाया जा रहा है।