बेसिक शिक्षा विभाग में दो सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों के दोनों गुट सामने आ गए। दोनों गुटों के लोगों ने सोमवार को बीएसए कार्यालय का घेराव और धरना प्रदर्शन किया। दोनों गुटों ने बार-बार मेरिट सूची बदलने और अनियमितताओं को लेकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इन अभ्यर्थियों ने डीएम को ज्ञापन देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
बेसिक शिक्षा विभाग में दो सौ सहायक अध्यापकों की भर्ती के लेकर विभाग ने काउंसिलिंग के बाद शनिवार को अनंतिम सूची जारी कर दी। इस सूची में वरीयता क्रम के आधार पर विशिष्ट बीटीसी बैच 2004, 07 और 08 के अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। यह सूची देख बीटीसी 2011 और 2012 के अभ्यर्थियों ने सूची पर सवाल उठाए, बीएसए कार्यालय के बाहर हंगामा और प्रदर्शन किया तथा मेरिट के आधार पर सूची जारी करने की मांग की।
सोमवार को विभाग ने पहले चस्पा की गई सूची फाड़ दी और मेरिट के आधार पर सूची जारी कर दी। इस सूची में भी तमाम गड़बड़ियां थीं। दूसरी सूची जारी होने पर सोमवार को वरीयता क्रम से सूची जारी करने की मांग करने वाले तथा मेरिट के आधार सूची जारी करने की मांग करने वाले दोनों गुट सामने आ गए। दोनों गुटों के अभ्यर्थियों ने बीएसए कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन किया। दोनों गुटों के लोगों ने डीएम को भी ज्ञापन दिया। सोमवार को भी बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में कोई बाबू या अधिकारी नहीं दिखा बाहर अभ्यर्थी प्रदर्शन करते रहे।
यह रही मांगें
वरीयता क्रम से सूची जारी करने वालों ने बताया है कि विज्ञप्ति में केवल 2011 तक के अभ्यर्थियों को शामिल करने के निर्देश थे जबकि विभाग ने 2012 के अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है। 2004, 07 और 08 के अभ्यर्थियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस गुट ने मांग की है कि वरीयता क्रम में नियुक्ति की जाए। इसके अलावा 2011 तथा 2012 बैच के अभ्यर्थियों ने बार-बार बीएसए कार्यालय से बदली जानी वाली सूची पर सवाल उठाए हैं तथा मेरिट के आधार नियुक्ति करने की मांग की है।