लखीमपुर खीरी। नवरात्रि शुरू होते ही कुट्टू आटा सहित व्रत में इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ गई है, लेकिन अफसरों ने अब तक गुणवत्ता जांच के लिए कार्रवाई शुरू नहीं की। पिछले दिनों नवरात्रि पर जो नमूने लिए गए थे उनकी भी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। उधर, सोमवार को सहारनपुर में कुट्टू आटा के इस्तेमाल से सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद मंगलवार से अफसरों ने कार्रवाई शुरू कर दी।
अक्तूबर, 2024 में शारदीय नवरात्रि पर चले अभियान में कुट्टू आटा सहित कई प्रकार के खाद्य पदार्थों के नमूने भरे गए थे, जिनकी जांच रिपोर्ट छह माह बाद अब तक नहीं आई है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो चार अक्तूबर 2024 को लखीमपुर के साथ ही भीरा से एक-एक कुट्टू आटा का नमूना भरा गया था। पांच अक्तूबर को ईसानगर, खीरी टाउन, गोला सहित कई जगह से कुट्टू आटा का नमूना लिया गया था।
सात अक्तूबर को भी गढ़ी रोड लखीमपुर, शहर के काशीनगर से नमूना लिया गया था, जिसमें सिर्फ काशीनगर की रिपोर्ट आई है, जो पास है। अन्य कोई रिपोर्ट आज तक नहीं आ सकी। ऐसे में कुट्टू आटा सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल हैं।
खुला न खरीदें कुट्टू का आटा
सहायक आयुक्त खाद्य बृजेंद्र शर्मा ने लोगों से अपील की है कि खुला बिकने वाला कुट्टू का आटा न खरीदें। यह नमी, धूल, बैक्टीरिया और मिलावट के संपर्क में आ सकता है, जिससे इसकी गुणवत्ता और शुद्धता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि पैकेट बंद ही कुट्टू का आटा खरीदें, जिसमें पैकेजिंग व निर्माता का नाम लिखा हो। अगर कहीं गड़बड़ी की आशंका है तो उसकी शिकायत जरूर करें, ताकि उसकी जांच कराई जा सके।
इन बातों का भी रखें ख्याल
- खुले में रखा आटा न लें।
- अगर आटे में फंगस लगी है तो उसे न लें।
- आटे में थोड़ा भी नमी लगे तो इसका इस्तेमाल न करें।
- इसे खाने से अगर थोड़ा भी तबीयत खराब लगे तो इसे खाना तत्काल बंद कर दें। समय पर डॉक्टर को दिखाएं।
- आटे में अगर बदबू आती है तो उसका इस्तेमाल न करें।
कुट्टू आटा सहित अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू हो चुका है। टीमें लगा दी गई हैं, ताकि गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। -बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य