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सत्यापन के बाद ही गेहूं खरीद कर पाएंगे क्रय केंद्र

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बिचौलियों को रोकने की कवायद, तहसील स्तर से जारी किए जाएंगे टोकन
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लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद अब 22 जून होगी। इस बढ़ी अवधि का बिचौलिये लाभ न उठा सकें इसलिए डीएम के निर्देश पर शेष किसानों का सत्यापन होने के बाद ही क्रय केंद्र प्रभारी गेहूं खरीद कर पाएंगे। किसानों को तहसील स्तर से टोकन जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है।
रबी विपणन वर्ष 2021-22 में एक अप्रैल से 15 जून तक 28847 किसानों से 1,74,889 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जबकि पिछले वर्ष 2020-21 में 15928 किसानों से 1,24,504 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। पिछले वर्ष से अधिक गेहूं खरीदे जाने के बाद भी कई किसानों के पास गेहूं बेचने के लिए बचा है, जो क्रय केंद्रों के बाहर कई दिनों से डेरा डाले हैं।
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सूत्र बताते हैं कि कई क्रय केंद्रों पर कुछ दिनों से खरीद नहीं की जा रही थी, जिससे कई किसान अपना गेहूं अभी नहीं बेच पाए हैं। इससे सरकार ने किसानों को उचित समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाई है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि डीएम ने निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर वास्तविक किसानों से ही खरीद की जाए। इसका लाभ बिचौलिए न उठा पाएं। सभी क्रय केंद्रों को किसानों के पास बिक्री के लिए अवशेष गेहूं का आकलन कराके गेहूं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद तहसील स्तर से टोकन जारी किए जाएंगे। जिन केंद्रों पर किसानों का टोकन या आवक नहीं है, उन केंद्रों के बंद किए जाने की आख्या संबंधित एसडीएम से मांगी गई है।
गेहूं खरीद केंद्रों पर अब भी नहीं पहुंचा बारदाना
मोहम्मदी। किसान सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष देवेश सिंह ने बताया कि चार सेंटर लगाए गए थे, जिन पर जिले से खरीद पर रोक लगा दी गई है। बारदाना भी नहीं है। पीसीएफ के जीएस यादव कहते हैं कि सरकार ने तारीख तो बढ़ा दी है लेकिन बारदाना उपलब्ध नहीं कराया है। वहीं नेवली निवासी जिला पंचायत सदस्य के पिता बिंद्रा प्रसाद का कहना है कि सेंटर के कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बारदाना नहीं है।
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बबौरी के रामनरेश वर्मा कहते हैं कि काफी दिन पहले पंजीकरण करा चुके हैं, पर सेंटर पर बारदाना न होने का राग अलापा जा रहा है। सहिजना के संजीव सिंह, बरौरा के रविंद्र कुमार, तेंदुआ की माया देवी और श्रीपाल गेहूं की तौल के लिये गल्ला मंडी में केंद्रों के चक्कर बराबर लगा रहे हैं। संवाद
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