बिजुआ सीएचसी में हंगामा होने पर सामने आया मामला
सीएचसी में प्रसूता को मेन्यू के अनुसार खाना और नाश्ता नहीं मिल रहा है। मामले की शिकायत सीएचसी अधीक्षक से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत सीएचसी में प्रसूता को दो दिन रुकने पर उन्हें पौष्टिक खाने और नाश्ते का प्रावधान है, लेकिन बिजुआ सीएचसी में ऐसा न होने पर हंगामा हुआ, तब खाने में गोलमाल का मामला सामने आया। महेशापुर गांव की मनोरमा देवी, रमुवापुर की सावित्री, दकवहरया अलीगंज की कांति देवी, रसूलपनाह की क्रांति, हर्रैया की रामदेवी, भूपपुरवा गांव की कन्यावती को प्रसव के लिए यहां पर भर्ती कराया गया था। तीमारदार कमलकिशोर और मयाराम ने बताया कि सुबह नाश्ते में महज एक कप चाय और दो रस्क, बिस्कुट दिए गए थे। शाम को खाने में महज दो रोटी और थोड़ी दाल मिली थी। दोपहर के एक बजे तक जब प्रसूताओं को खाना नहीं मिला तो उन्होंने डॉक्टर से फोन पर शिकायत की। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि दो बजे से पहले यहां खाना नहीं मिलता है। इसी बात से नाराज तीमारदार हंगामा करने लगे। उधर, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमितेश द्विवेदी ने कहा है कि शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।