सीएमओ कार्यालय में धरने पर बैठे लिपिक। संवाद
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लखीमपुर खीरी। तबादलों से नाराज लिपिक संवर्ग का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। जिला एवं महिला अस्पताल के लिपिकों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना देकर स्थानांतरण नीति को नियम विरुद्ध व कर्मचारियों का मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक शोषण वाला बताया। कर्मचारी संगठन ने किए गए तबादलों को निरस्त करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के बैनर तले दूसरे दिन भी जिला एवं महिला अस्पताल के अलावा सीएमओ कार्यालय के लिपिक धरने पर बैठे रहे, जिससे कार्यालयों में ताला पड़ा रहा। संगठन के लोगों का कहना है कि प्रदेश में लिपिक संवर्ग के 2817 लोग है इसमें से 1772 लोगों का स्थानांतरण और समायोजन कर दिया गया। जो तबादले के लिए निर्धारित की गई अधिकतम 20 प्रतिशत से बढ़कर 60.95 प्रतिशत है। पदाधिकारियों का आरोप है कि 250 महिला कर्मचारियों का स्थानांतरण 300 से लेकर 1000 किलोमीटर दूर कर दिया गया है। इस तरह निदेशक ने योगी सरकार की छवि को धूमिल करने का काम किया है। तबादला नीति को दरकिनार कर किए गए स्थानांतरण के विरोध में ही संगठन ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। जो मांगे माने जाने तक अनवरत जारी रहेगा।
जितेंद्र श्रीवास्तव, नरेश वर्मा, जानदीप शर्मा, राजेश हंस आदि मौजूद रहे।
विभागीय काम से लेकर मेडिकल कार्य रहा प्रभावित
लिपिक संवर्ग के कार्य बहिष्कार के चलते जिला एवं महिला अस्पताल के अलावा सीएमओ कार्यालय का काम धाम प्रभावित हो रहा है। अब इसका असर जिलेवासियों पर भी पड़ने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिकल और आयु प्रमाण पत्र बनवाने वालों को हो रही है। दूर दराज से आने वाले लोग हड़ताल के चलते लौटने को मजबूर हैं।
मांगें
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक को निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, शासन की नीति के विपरीत अनियमित एवं मनमानी कर किए गए तबादलों को निरस्त किया जाए।