लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार कहर बरपा रहा है। हर घर में कोई न कोई बीमार है। जांच में डेंगू की भी पुष्टि हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है। तर्क दिया जा रहा है कि निजी अस्पतालों से ब्योरा नहीं मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में सीमित संसाधनों और दिक्कतों के चलते रोगी निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जांच भी निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर हो रही है। इसमें रोजाना एक-दो रोगियों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। कुछ पैथोलॉजी संचालक ही डेंगू व मलेरिया पॉजिटिव आने की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को दे रहे हैं।
बुखार आने पर तमाम मरीज सरकारी अस्पताल न जाकर निजी निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनकी जांच भी निजी पैथोलॉजी सेंटर पर होती है। ऐसे में निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार है। इनमें ज्यादातर मरीज डेंगू और मलेरिया के हैं। मगर सीएमओ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में डेंगू के मात्र 84 और मलेरिया के सिर्फ 273 ही मरीज हैं, जबकि निजी अस्पतालों में इस तरह के रोजाना सौ से अधिक मरीजों का इलाज हो रहा है, लेकिन इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को नहीं दी जा रही है। सीएमओ की ओर से सभी निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी संचालकों को रोजाना सूचना देने के निर्देश जारी कर चुके हैं।
.....
सीएमओ के मांगने पर देते हैं आंकड़े
नाम न छापने पर एक निजी अस्पताल संचालक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय से आंकड़े मांगने पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं। डेंगू आदि के संभावित मरीजों को जिला अस्पताल या फिर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
......
84 मरीज जिले में मिल चुके हैं डेंगू के
50 रोगी जिला अस्पताल की जांच में दो माह में मिले
....
निजी अस्पताल मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करें
सीएमओ ने कहा कि निजी अस्पताल में यदि किसी मरीज की मौत होती है, तो अस्पताल संचालक को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करना चाहिए। इसमें मौत के कारण का भी स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। मृत्यु प्रमाणपत्र जारी न करने की यदि कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
....
निजी अस्पताल व पैथोलॉजी संचालकों को कई बार डेंगू, मलेरिया आदि के मरीजों का रोजाना ब्योरा देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही कार्ड जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने पर मरीजों की एलाइजा जांच कराने को भी कहा गया है। - डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ