प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की आठवीं और नवीं कट ऑफ सूची की काउंसिलिंग बिना चयन समिति की बैठक करा दी गई। बीएसए डॉ. ओपी राय के आपत्ति जताने और डायट प्राचार्य डॉ. मीरा त्रिपाठी पर मनमानी का आरोप लगाने के कारण आठवीं और नवीं कट ऑफ सूची की काउंसिलिंग के बाद चयन सूची अधर में लटक गई है। दो महीने के पत्राचार बाद आखिर डायट प्राचार्य ने 26 दिसंबर को चयन समिति की बैठक बुला ली है।
मालूम हो कि आठवीं कट ऑफ सूची जारी करने की प्रक्रिया अक्तूबर महीने के अंतिम सप्ताह में शुरू की गई थी। इसकी भनक उसी समय बीएसए डॉ. राय को लग गई लेकिन जब पांच नवंबर को अखबारों में पांच गुना अधिक कट ऑफ सूची जारी कर अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग की सूचना दी गई तो बीएसए ने आपत्ति जता दी थी। बीएसए का कहना है कि बिना चयन समिति की बैठक कराए कट ऑफ सूची फाइनल नहीं की जा सकती। इसके बाद सूची का डीएम से अनुमोदन कराने के बाद ही काउंसिलिंग के लिए इसका अखबारों में प्रकाशन कराया जाता है।
उधर डायट प्राचार्य ने बीएसए की आपत्ति की परवाह किए बगैर न सिर्फ काउंसिलिंग करा दी बल्कि नवीं कट ऑफ सूची बीस गुनी जारी कर दी। बीएसए लगातार लिखापढ़ी कर डायट प्राचार्य पर अनियमितता का आरोप लगाते रहे लेकिन नवीं काउंसिलिंग भी करा दी गई। चूंकि चयन समिति में बीएसए की भूमिका सचिव की है और काउंसिलिंग के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने का अधिकार भी बेसिक शिक्षा अधिकारी को होता है। ऐसे में बीएसए द्वारा अनियमितता का आरोप लगाए जाने के कारण आठवीं और नवीं कट ऑफ सूची की काउंसिलिंग के बाद अभ्यर्थियों की चयनित सूची तैयार नहीं कराई जा सकी। फिलहाल डायट प्राचार्य ने चयन सूची फाइनल करने की मंशा से 26 दिसंबर को बैठक बुलाई है।
प्राचार्य डायट मीरा त्रिपाठी ने बताया कि यहां कोई अनियमितता नहीं है। सब कुछ नियम के अनुसार हुआ है। बैठक के बाद बीएसए का कंफ्यूजन दूर हो जाएगा।
बीएसए डॉ. ओपी राय ने बताया कि बिना बैठक कट ऑफ सूची जारी करने का डायट प्राचार्य को अधिकार ही नहंीं है। ऐसे में जो अनियमितता की जा चुकी है, उस पर कार्रवाई होगी। अब बैठक बुलाई है तो नए एजेंडा पर चर्चा होगी।
चयन सूची के इंतजार में हैं अभ्यर्थी
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 2011 में 155 शिक्षकों का चयन होना है। आठवीं कट ऑफ सूची पांच गुना जारी की गई थी। इसके तहत आठ सौ से अधिक अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई। इसी तरह नवीं कट ऑफ में बीस गुनी अधिक सूची जारी होने के कारण करीब दो हजार चार सौ अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई, जबकि तमाम अभ्यर्थी छूट गए हैं। ऐसे में तीन हजार से अधिक अभ्यर्थी चयन सूची के इंतजार में हैं।