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एहतियातन कारागार में हुई बंदियों की रिमांड पेशी

Thu, 12 Mar 2015 06:11 PM IST
लखीमपुर खीरी
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इलाहाबाद कोर्ट परिसर में वकील की गोली मारकर हत्या करने के मामले को लेकर गुरुवार को कोर्ट परिसर और कलक्ट्रेट में भारी गहमा-गहमी का माहौल रहा। इस घटना से वकीलों में उपजे आक्रोश को देखते हुए सुबह से ही कलक्ट्रेट परिसर और कोर्ट के आसपास कई थानों के एसओ और तीन दर्जन से अधिक सिपाहियों को तैनात किया गया था। सुरक्षा को लेकर एहतियातन बंदियों को रिमांड पेशी के लिए कोर्ट नहीं ले जाया गया। जिसके बाद कोर्ट में ही बंदियों की रिमांड पेशी कराई गई।
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सुरक्षा इंतजामों को लेकर सतर्कता बरतते हुए सुबह से ही शहर कोतवाल शिवशंभू किशोर जायसवाल, कोतवाल चंदन चौकी कृष्ण मुरारी शर्मा, सिंगाही एसओ जेपी यादव, नीमगांव एसओ बृजेंद्र सिंह यादव, हैदराबाद एसओ जितेंद्र यादव, खीरी एसओ महेंद्र सिंह और फरधान एसओ अनिल शाही के अलावा 14 दरोगा, 40 सिपाही और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा सीओ सिटी एमपी सिंह लगातार कलक्ट्रेट और कचहरी परिसर के  बाहरी क्षेत्र में भ्रमण कर स्थितियों पर नजर बनाए रहे। गुरुवार को कारागार से 220 बंदियों की अदालत में पेशी होनी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते बंदियों की पेशी कारागार के अंदर ही कराई गई। वहीं तहसील मुख्यालयों पर भी नजदीकी थानों के एसओ और पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा पर नजर रखी गई।
एसपी, खीरी अरविंद सेन ने बताया कि कचहरी में वकीलों की हड़ताल के चलते सतर्कतावश गुरुवार को कलक्ट्रेट, कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी की गई थी। पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
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वापस हुई बंदियों को लेकर गई पुलिस
जानलेवा हमले और गैंगेस्टर के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध दो बंदियों मनोज और कुंदन की गुरुवार को सीतापुर और शाहजहांपुर में पेशी थी। इन दोनों बंदियों को पुलिस टीम कारागार से निकाल कर रवाना भी हो गई, लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस टीम दोनों बंदियों को लेकर कारागार लौट आई।  
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