नेपाल में भूकंप के बाद मानव तस्करी बढ़ने की आशंका को देखते हुए शासन ने नेपाल से सटे प्रदेश के नौ जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सतर्क किया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मानव तस्करी को रोकने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से मानव तस्करी रोकने के लिए किए गए उपायों और योजना के बारे में पूछा। जिस पर अधिकारियों ने सीमा पर होर्डिंग-बैनर लगाकर मानव तस्करी के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की बात कही।
प्रमुख सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग में डीएम किंजल सिंह, एसपी अरविंद सेन, जिला प्रोबेशन अधिकारी वीके सिंह, एसएसबी के अधिकारी, चाइल्ड लाइन के प्रभारी, एनजीओ संचालक समेत कई अधिकारी मौजूद थे। प्रमुख सचिव गृह ने निर्देश दिया है कि 120 किलोमीटर की दूरी में फैली भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए अधिकारी हर संभव प्रयास करें। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से नेपाल सीमा के ताजा हालात की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एसएसबी समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर मानव तस्करी में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसे। साथ ही मैत्री संस्था की तरह अन्य एनजीओ को भी अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला प्रोबेशन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि 18 वर्ष के कम उम्र के जो भी बच्चे लावारिस हालत में मिलेंगे, उन्हें अभिभावकों के आने तक बालगृह में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी रोकने के लिए पलिया में अभियान चलाकर कार्य करने पर जोर दिया गया है।