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रोडवेज बस में मिला प्रेशर हार्न, तो चालक का कटेगा चालान

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रोडवेज बस अड्डा लखीमपुर - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। परिवहन निगम ने ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए रोडवेज बसों से प्रेशर हार्न हटाने के निर्देश दिए है। मुख्य प्रधान प्रबंधक प्राविधिक ने निगम की बस में इस तरह का हार्न मिलने पर चालक से एक हजार रुपये और अनुबंधित बस में लगा होने पर बस मालिक से पहली बार में एक हजार रुपये जुर्माना वसूलने और दूसरी बार पाए जाने पर बस का अनुबंध खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
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बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल) ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में परिवहन निगम ने भी अपनी एवं अनुबंधित बसों में प्रेशर हार्न लगे होने पर नाराजगी जताई। मुख्य प्रधान प्रबंधक जयदीप वर्मा ने लखीमपुर और गोला डिपो के एआरएम को निगम और अनुबंधित बसों से प्रेशर हार्न हटवाने के निर्देश दिए हैं। निगम की बसों में यदि प्रेशर हार्न लगा मिलता है तो उसके चालक को एक हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। अनुबंधित बस में हार्न लगा मिलने पर पहली बार तो मालिक के देयकों से इतनी ही जुर्माने की राशि वसूली जाएगी। मगर, दूसरी बार मिलने पर बस का अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
यह है मानक
ध्वनि की तीव्रता मापने के लिए डेसीबल इकाई निर्धारित है। सोते समय घर एवं आसपास 35 डेसीबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए। जबकि दिन का शोर 45 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए।
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स्रोत, ध्वनि स्तर (डेसीबल)
तेज वर्षा 55 से 60
बस 85-90
रेलगाड़ी की सीटी 110
तेज स्टीरियो 100 से 115
ध्वनि विस्तारक 150
सायरन 150
निर्धारित मानक
क्षेत्र दिन(प्रात: छह से रात नौ तक), रात ( नौ से सुबह छह तक)
औद्योगिक 75 70
व्यवसायिक 65 55
आवासीय 55 45
शांत क्षेत्र 50 40
ध्वनि प्रदूषण से नुकसान
-शोर से उत्पन्न होना वाला प्रदूषण मानव के लिए एक धीमा जहर है।
- उच्च स्तरीय ध्वनि प्रदूषण से लोगों का व्यवहार परिवर्तन होने लगता है।
- मानसिक तनाव होने के साथ गर्भवती महिलाओं का गर्भपात तक हो सकता है।
- ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
ध्वनि प्रदूषण के कारण बोलने में दिक्क्त, व्यवहार में चिड़चिड़ापन और नींद में व्यवधान होता है। इसकी तीव्रता 90 डेसीबल से अधिक होने पर लोगों में सुनने की क्षमता कम होने लगती है। जो लोग लंबे समय तक शोर शराबे वाली जगहों पर रहते हैं उनको करीब 55 प्रतिशत तक कम सुनाई देना लगता है।
-डॉ. प्रियंका शर्मा, ईएनटी (सर्जन), जिला अस्पताल
बसों से प्रेशर हार्न हटाने के लिए बस मालिकों को सूचित कर नोटिस बोर्ड पर भी सूचना चस्पा करा दी है। वहीं जिन बसों में प्रेशर हार्न लगे हैं उनका संचालन रोकने के निर्देश दिए हैं।
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एसपी सिंह एआरएम लखीमपुर डिपो
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