बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर में बाघ अनुमानीकरण (टाइगर एस्टीमेशन- 2026) की तैयारियां शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह काम हर चार साल के अंतराल पर होता है। फिलहाल, अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में एस्टीमेशन करने वाली टीमों को प्रशिक्षित करने की तैयारी की जा रही है।
बाघ अनुमानीकरण के पहले चरण में साइन सर्वे होगा। इसके तहत बरसात खत्म होने के बाद नवंबर में बाघ और तेंदुआ बाहुल्य जंगल में अनावश्यक रूप से उगी घास काटने के बाद टीमें बाघ और तेंदुओं की साइटिंग, पैरों के निशान आदि देखकर इनकी संख्या का अनुमान लगाएंगी। साथ ही बाघों के भोजन यानी शाकाहारी पशुओं के घनत्व का आंकलन होगा। इसके अलावा बाघों के प्राकृतवास में बायोटेक इंटरफेयरेंस का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
दूसरे चारण में रिमोट सेंसिंग का काम होगा। इसमें जंगल के रास्तों, रोशनी और पानी के लिए वाटर होल्स की स्थिति का आंकलन किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में कैमरा ट्रैपिंग होगी। इसमें जंगल को कई छोटे-छोटे ब्लॉक में बांटकर कैमरे लगाए जाएंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व में दुधवा नेशनल पार्क के अलावा किशनपुर अभयारण्य, कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) और बफरजोन में बाघों का एस्टीमेशन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी रेंज में भी एस्टीमेशन होगा। जंगल के बाहर रहने वाले बाघों को भी टाइगर एस्टीमेशन में शामिल किया जा सकता है।
टाइगर एस्टीमेशन करने वाली टीमों का प्रशिक्षण अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए डीटीआर के एफडी डॉ. एच राजामोहन को प्रदेश का का नोडल बनाया गया है। इसके परिणाम वर्ष 2026 की 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस पर पीएम नरेन्द्र मोदी जारी करेंगे।
इंसेट
कार्य में जुटेंगी ये एजेंसियां
टाइगर एस्टीमेशन में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, भारतीय वन्यजीव संस्थान, डीटीआर के स्टाफ के अलावा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई समेत कई एनजीओ भी हिस्सा लेंगे।
वर्जन
दुधवा में बाघ अनुमानीकरण 2026 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में टीमों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू होगा। टाइगर एस्टीमेशन का काम तीन चरणों में किया जाएगा, ताकि सटीक परिणाम आ सकें।
- डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व।