मैगलगंज। कस्बे में कथित तौर पर प्रार्थना सभा के माध्यम से ग्रामीणों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के मामले में ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की प्रार्थना सभा पहली बार नहीं हुई, बल्कि पहले भी कई बार आयोजन हो चुके हैं। इस बार सूचना समय रहते सामने आ गई, जिसके बाद मामला खुल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता कोतवाली परिसर में मौजूद रहे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह चौहान ने मुख्य आरोपी प्रमोद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य तथ्य सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की सतर्कता पर उठे सवाल
धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यदि स्थानीय संगठनों को सूचना न मिलती तो प्रार्थना सभा का आयोजन यूं ही चलता रहता। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है, जबकि आगे की जांच जारी होने की बात कही जा रही है।