फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पावर कारपोरेशन का कारनामा: पीडी होने के सात साल बाद थमा दिया 22 लाख का बिल

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से कटने के सात साल बाद एक पेट्रोल पंप स्वामी को 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया। गोला विद्युत वितरण खंड के इस कारनामे के बाद पेट्रोलपंप स्वामी बिजली अधिकारियों के चक्कर काटते काटते थक गया है मगर अभी तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
विज्ञापन

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को भेजे गए पत्र में ब्लाक बांकेगंज अंतर्गत सौंखिया ग्राम पंचायत के मजरा राजेपुर निवासी भरत किशोर वर्मा ने बताया खुटार रोड पर सौंखिया गांव में स्थित वर्मा फिलिंग स्टेशन के नाम से उसका पेट्रोल पंप है। जिस पर 7.5 किलोवाट का वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन चल रहा था। बिजली बिल बकाया होने के कारण 20 जुलाई 2013 को उसका कनेक्शन काट दिया गया और बिजली कर्मचारी परिसर से केबल और मीटर उतार ले गए।
भरत किशोर ने बताया कि इसके बाद उसने विद्युत उपभोग नहीं किया। वह जनरेटर और सौर ऊर्जा से फिलिंग स्टेशन चलाने लगा। उस समय भरत ने अपने बकाया बिल की धनराशि 25000 रुपया जमाकर पीडी रसीद कटवा ली। करीब सात साल बाद 29 अगस्त 2020 को उसे 22 लाख 40 हजार 995 रुपये का बिल थमा दिया गया।
विज्ञापन

भरत किशोर का कहना है कि 25000 रुपये की धनराशि 20 अगस्त 2013 को जमा करने के बाद उसे पीडी (परमानेंट डिसकनेक्शन) फाइनल लिख कर रसीद दी गई थी। फिर इस बिल का क्या औचित्य है। यदि उस पर कोई धनराशि बकाया थी तो इतने दिन नोटिस क्यों नहीं दिया गया। उसने इस संबंध में अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई लेकिन कोई हल अभी तक नहीं निकल सका है।
विज्ञापन

‘मामला संज्ञान में है। इस संबंध में जांच कराकर संशोधित बिल बनवा दिया गया है। फीडिंग में त्रुटि होने से समस्या हुई थी। इसे सुधार दिया गया है।’
- शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड गोला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें