फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीबी, बीमारी से उजड़ा कुनबा

Sun, 24 May 2015 11:02 PM IST
निघासन
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव अदलाबाद में वीरो देवी की दो बेटियों की मौत हो चुकी है, जबकि दो बेटियां जिला अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज है। ऐसे में वीरो देवी अपना और बेटियों का इलाज कैसे कराएं।
विज्ञापन

झंडी स्टेट से महज दो किलोमीटर दूर अदलाबाद गांव में वीरो देवी का कभी भरा पूरा परिवार था। चार बेटियों के बीच एक मंद बुद्धि बेटा है। एक साल पहले वीरो के पति स्वामीनाथ की मौत हो गई। अब पूरे परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी वीरो देवी पर है। अपनी मां के कामों में फूलकुमारी, राजकुमारी, शैलकुमारी और ओमकुमारी चारों हाथ बंटाती थी। बेटियों संग दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह घास फूस का घर बना लिया। बीपीएल कार्ड तो है, लेकिन पात्र होते हुए तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक इंदिरा आवास नहीं मिला है। फूलकुमारी की शादी हो चुकी थी, लेकिन उसके बीमार होने पर ससुराल वाले उसे वीरो देवी के ही घर छोड़ गए। इसके बाद वीरो के घर को बीमारी ने ऐसा घेरा कि पूरा परिवार ही बीमार हो गया।
एसडीएम-निघासन पीके सिंह ने बताया कि परिवार का राशनकार्ड बना है। उन्हें राशन दिलाया गया है। इलाज हो रहा है। इसके अलावा परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
विज्ञापन

घर में होती रहीं मौतें
फूलकुमारी के मायके आने के बाद पहले उसका एक माह का बेटा चल बसा। उसके बाद एक सप्ताह बाद पहले छोटी बहन शैलकुमारी और फिर ओम कुमारी की मौत हो गई। दो बेटियों की मौत से वीरो देवी बुरी तरह टूट गई हैं।
मां-बेटियां लखनऊ रेफर
इलाज के लिए घर में एक कौड़ी तक नहीं थी। प्रधान ने भी इनकी मुसीबत से कोई सरोकार नहीं रखा। अमर उजाला में इनकी कहानी छपने के बाद सिंगाही नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद कयूम मदद को आगे आए। उन्होंने पांच हजार रुपये नकद सहायता की तो फूलकुमारी, राजकुमारी और मां वीरो देवी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनकी हालत गंभीर होने पर तीनों को लखनऊ रेफर कर दिया गया।
तीन मौतों के बाद जागे अफसर
एक ही परिवार में गरीबी और बीमारी से तीन मौतों की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सरकारी अमला सक्रिय हुआ। एसडीएम पीके सिंह के बाद सीएमओ भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। तब उनका इलाज शुरू हो पाया।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें