क्षेत्र के गांव भदूरा में शुक्रवार को एक दुकान पर बिकने के लिए रखी गईं पोषाहार की 18 बोरियां बरामद की गईं। जिन्हें सीज कर दिया गया है। देर शाम तक सीडीपीओ की जांच में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर यह नहीं बता पाईं कि पोषाहार की यह बोरियां किस आंगनबाड़ी केंद्र की हैं और दुकान पर कैसे रखीं थीं।
ब्लाक बेहजम की परियोजना क्षेत्र के भदूरा में एक दुकान में बाल पोषाहार की 18 बोरियां लगी थीं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना आंगनबाड़ी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शैलेश सिंह को दी। शैलेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को बुलाकर जानकारी लेनी चाही। सुपरवाइजर सुधा वर्मा 18 बोरियों के बारे में साफ-साफ नहीं बता सकीं। जिसके बाद शैलेश सिंह ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिस पर जिला परियोजना अधिकारी ने सीडीपीओ अनुज कुमार को मौके की जांच के लिए भेजा। अनुज कुमार ने मौके पर जाकर जब सुधा से स्टाक रजिस्टर मंगवाकर देखा तो उसमें भी शेष बची बोरियों से दो कम थीं। स्टाक रजिस्टर के हिसाब से 20 बोरियां होनी चाहिए थी लेकिन वहां 18 ही मौजूद थी। सीडीपीओ ने बताया कि सुपरवाइजर सुधा वर्मा का कहना था कि बोरियां नीमगांव परिक्षेत्र के ढखिया बुजुर्ग की आंगनबाड़ी कमला देवी के केंद्र की है। कमला देवी कोई अभिलेख दिखा नहीं पाईं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि 18 बोरियां परियोजना कार्यालय बेहजम में रखकर सीज कर दी गई हैं। जांच करने के बाद ही बोरियों की सही जानकारी हो सकेगी।
पुष्टाहार पर बैठी मिली बकरियां
एक तरफ बच्चों को साफ-सुधरा रहने की शिक्षा दी जाती है लेकिन अधिकारी साफ सफाई पर कितना ध्यान देते है इससे यहां रखे पुष्टाहार को देखकर पता चल जाता है। जहां पर बाल पुष्टाहार रखा था, उस दुकान में बकरियां बंधती थी। मौके पर जहां बोरियां लगी थीं, उन बोरियों पर बकरी बैठी थीं। एक भैस का पड्डा भी वहीं खड़ा था।