दुधवा नेशनल पार्क मेें वन्य प्राणी सप्ताह के दूसरे दिन जंगल में पॉलीथिन से मुक्ति के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान डीडी और वार्डेन ने खुद भी सफाई की और राहगीरों को दुधवा को साफ रखने के लिए जागरूक भी किया गया।
वन्य प्राणी सप्ताह के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दुधवा टाइगर रिजर्व की समस्त रेंजों के अधिकारियों कर्मचारियों, विश्व प्रकृति निधि, दुधवा फाउंडेशन, जायका परियोजना के सदस्यगणों को दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग के उपनिदेशक पीपी सिंह ने दुधवा मुख्यालय पर आमंत्रित कर दुधवा के नकहुआ नाले से दुधवा पार्क तक सफाई अभियान चलाया गया। सफाई अभियान के तहत पॉलीथिन से पर्यावरण पर एवं वन्य जीवों पर पड़ने वाले दुष्परिणाम से लोगों को अवगत कराया गया। साथ ही वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1927 यथासंशोधित धाराओं के अंतगत प्रतिबंधित बताते हुए दुधवा को पॉलीथिन मुक्त रखने को जागरूक किया गया। डीडी पीपी सिंह और वार्डेन एनके उपाध्याय ने नेतृत्व किया। अभियान में अधिकारियों और कर्मचारी ने रोड के दोनों किनारों पर लगभग दो किलोमीटर तक पॉलीथिन, गुटखा के खाली रैपर, डिब्बे, प्लास्टिक की बोतलें आदि हटाईं। इन्हें बोरियों में भरकर एक जगह एकत्रित कर जला दिया गया। इसमें मैलानी वन्यजीव प्रतिपालक केएल गौतम, मैलानी वनक्षेत्राधिकारी वीसी तिवारी, किशनपुर के रामबरन यादव, दुधवा के मनोज कुमार श्रीवास्तव, बेलरायां के मनोज कुमार शुक्ला, सोठियाना के दीपचंद्र, बनकटी के महावीर प्रसाद सहित डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के समन्वयक डॉ. मुदित गुप्ता, करतनिया घाट फाउंडेशन से फजलुर्रहमान, सुनील जायसवाल समेत जायका परियोजना के समस्त प्रतिनिधि एवं ईको विकास समितियों के पदाधिकारी शामिल रहे।