अस्पताल में मरीज देखते डॉक्टर। संवाद
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लखीमपुर खीरी। धूल और धुएं के कारण प्रदूषण का असर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। इसकी अधिकता के कारण सुबह के समय धुंध छा रही है। बढ़ती धुंध ने सांस के रोगियों के लिए मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि जल्द ही बढ़ते प्रदूषण को रोकने के इंतजाम न किए गए तो दिवाली पर धुंध में और इजाफा होगा, क्योंकि त्योहार पर होने वाली आतिशबाजी धुंध को और बढ़ाएगी।
बढ़ते प्रदूषण के कारण जिले ककी हवा प्रदूषित होती जा रही है। जल्द ही इसे रोकने के लिए कारगर उपाय न किए गए तो आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ेगी। वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने की जरूरत है। जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आईके राम चंदानी बताते हैं कि मिट्टी हो या फिर धुआं, इसके कण नुकसानदेह हैं। सांस लेने पर यह शरीर में प्रवेश कर नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में दीवाली तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि दीवाली पर होने वाली आतिशबाजी से निकला बारूद फेफड़ों को नुकसान पहुंचाएगा। इसलिए बुजुर्ग और बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हो सके तो ऐसे में सुबह के समय टहलने से बचें। बच्चे और बुजुर्ग घर से कम निकलें तो ज्यादा बेहतर होगा। संवाद