लखीमपुर खीरी। प्रदूषण का खतरा जिले में बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को सुबह से ही धुंध छाई रही। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन फिर धुंध के चलते सूरज की रोशनी कम हो गई। ग्रामीण इलाकों में चालकों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ी। वहीं मौसम में भी बदलाव हो रहा है, जिससे लोग धुंध को कोहरे से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने अभी कोहरा गिरने की बात को खारिज किया है और धुंध का कारण बढ़ता प्रदूषण बताया है, जिसका कारण धूल और फैक्ट्रियों/ कोल्हुओं से निकलने वाला धुएं का गुबार है। इससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कत हो सकती हैं।
तराई क्षेत्र और जंगल से आच्छादित जनपद होने के कारण मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दियों में कोहरा गिरने की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार धुंध ने दस्तक दी है। पिछले कुछ सालों से जनपद में प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब तक जनपद में प्रदूषण की जांच करने संबंधी सेंसर नहीं लगाए हैं, जिससे प्रदूषण के स्तर का पता नहीं चल पाता है। फिर बढ़ते प्रदूषण का असर धुंध के रूप में साफ दिखाई पड़ रहा है। पास के महानगरों लखनऊ और बरेली में सेंसर लगे होने से प्रदूषण का स्तर बढ़ने की पुष्टि हो चुकी है। लिहाजा यहां भी माना जा रहा है कि प्रदूषण का स्तर कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। जानकार मानते हैं कि प्रदूषण बढ़ने के पीछे निर्माण कार्यों से उड़ रही धूल और फैक्ट्रियों/ कोल्हू/ ईंट भट्ठों से निकलने वाला धुएं का गुबार प्रमुख कारण है। इसके अलावा नियमित चलने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। जनपद में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं और न ही इस संबंध में कोई गोष्ठी/ बैठक कराई जाती है। प्रमुख कारण यह भी है कि जनपद में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना कार्यालय तक नहीं खोला है।
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बढ़ सकती हैं सांस संबंधी दिक्कतें
प्रदूषण के बढ़ते स्तर से लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है। धुंध में शामिल धूल और धुएं के भारी कण भी वातावरण में लंबे समय तक मौजूद रहते हैं, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इससे लोगों को श्वांस संबंधी बीमारियां हो सकती है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा धुंध का असर
गोला गोकर्णनाथ। गुरुवार को आसमान में धुंध छाए रहने से सूर्य के दर्शन नहीं हुए। कई दिन से मौसम में बदलाव के आसार दिखाई पड़ रहे थे। इससे धूप न निकलने पर ठंड कुछ और बढ़ गई।
अमीरनगर। बुधवार की रात से ही आसमान में धुंध छा गई। गुरुवार को सुबह से ही धुंध की चादर छाई रही, जिससे धूप न निकलने से ठंडक बढ़ गई। लोग घरों से गर्म कपड़े पहनकर निकले। धुंध पूरा दिन आसमान में छाई रही।
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इस बार सुबह से धुंध छाने लगी है। पहले तो कोहरा गिरने का अहसास हुआ, लेकिन बाद में पता चला कि धुंध छाई है। इससे सांस लेने में लोगों को परेशानी हो सकती है।
- बृजेश कुमार अवस्थी
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एक-दो दिन से सुबह धुंध छाने लगी है, जो इस वर्ष देखने को मिली हैै। सुबह मार्निंग वॉक पर जाने वालों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। प्रदूषण के नियंत्रण को उपाय किए जाने चाहिए।
- मानेंद्र सिंह
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मौसम में बदलाव हो रहा है, लेकिन कोहरा अभी नहीं गिर रहा है। प्रदूषण के कारण वातावरण में धुंध छाई है, जो बारिश होने पर ही खत्म हो सकती है। हालांकि अभी कुछ दिनों तक बारिश होने के भी संकेत नहीं हैं।
- जेपी गुप्ता, निदेशक, मौसम केंद्र लखनऊ
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काफी समय से बारिश नहीं हुई है, जिससे धूल और फैक्ट्रियों/ कारखानों से निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण की धुंध छाई है। लखीमपुर में प्रदूषण की जांच के लिए अभी सेंसर नहीं लगाए गए हैं, जिससे वहां प्रदूषण के स्तर का पता नहीं चल पाता है।
-डॉ. रामकरन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ
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मास्क लगाएं..कोरोना ही नहीं प्रदूषण से भी बचें
वायु प्रदूषण फेफड़े, हृदय, तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क, पाचन तंत्र और त्वचा पर असर डालता है। इससे अस्थमा, सांस की अन्य बीमारियां, कैंसर, हृदय के साथ मानसिक बीमारियां होने का खतरा रहता है। प्रदूषण से बचने के मास्क का प्रयोग करें। इससे कोरोना संक्रमण से भी बचाव होगा।
-डॉ. डीके यादव ईएमओ, जिला अस्पताल