लखीमपुर खीरी। कूड़ा और पराली जलाने से जिले में पहले ही स्थिति खराब थी, अब दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर और ज्यादा खतरनाक हो गया है। शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 189 पर पहुंच गया है, जो खतरनाक स्तर के एकदम नजदीक पहुंच गया है। प्रदूषण बोर्ड के मानक के मुताबिक सामान्य सूचकांक 200 ही है। शहर और पूरे जिले में वायु गुणवत्ता की यह खराब स्थिति बनने के पीछे कोल्हू का भी शामिल है, चीनी मिलें न चलने के कारण गन्ना फिलहाल कोल्हू पर ही जा रहा है। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के कड़े निर्देश के बावजूद कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लगाई जा सकी है। नदियों में फैक्ट्रियों से निकला प्रदूषित पानी पहले से पहुंच रहा है, जो वाष्पित होकर हवा में मिल जाता है। ताजा हालात सेहत के लिए काफी खराब हैं। डॉक्टरों ने एहतियात बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इन दिनों जो धुंध दिख रही है, उसे बादल का दूसरा रूप या कोहरा न समझे, यह सब प्रदूषित वातावरण से तैयार हुई है।